Varalakshmi Vrat 2024: जल्द सावन माह समाप्त होने वाला है। इस महीने को पूजा पाठ के लिए बहुत पवित्र माना गया है। इस दौरान किए गए कार्यों में महादेव की विशेष कृपा बनी रहती है। सावन में सभी व्रत और त्योहार का अपना अलग महत्व होता है। हालांकि इनमें वरलक्ष्मी व्रत को सबसे खास माना गया है। हर साल सावन माह के आखिरी शुक्रवार को वरलक्ष्मी व्रत रखा जाता है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है।
Varalakshmi Vrat 2024: वरलक्ष्मी व्रत आज, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
वरलक्ष्मी व्रत 2024 मुहूर्त
सिंह लग्न पूजा मुहूर्त: प्रातः 05:57 - प्रातः 08:14 (अवधि - 02 घण्टे 17 मिनट)
वृश्चिक लग्न पूजा मुहूर्त: दोपहर 12:50 - दोपहर 03:08 (अवधि - 02 घण्टे 19 मिनट)
कुंभ लग्न पूजा मुहूर्त: सायं 06:55 - रात 08:22 (अवधि - 01 घण्टा 27 मिनट)
वृषभ लग्न पूजा मुहूर्त: रात्रि 11:22 - प्रात: 01:18, अगस्त 17 (अवधि - 01 घण्टा 56 मिनट)
पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्रों को धारण करें।
- फिर लकड़ी की चौकी लें, और उसपर लाल रंग का साफ वस्त्र बिछाएं।
- अब मां लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति को स्थापित करें।
- मूर्ति के पास एक कलश में जल भरकर रख दें।
- इसके बाद गणेश जी को पुष्प, दूर्वा, नारियल, चंदन, हल्दी, कुमकुम, माला चढ़ाएं।
- इस दौरान देवी मां को सोलह श्रृंगार अर्पित करना चाहिए।
- अब घी का दीपक जलाकर मंत्र पढ़ लें, और व्रत कथा का पाठ करें।
- अंत में आरती करते हुए सुख-समृद्धि की कामना करें।
लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने का मंत्र
ऊँ महालक्ष्म्यै नमो नमः । ऊँ विष्णुप्रियायै नमो नमः ।।
ऊँ धनप्रदायै नमो नमः । ऊँ विश्वजन्नयै नमो नमः ।।
ऊँ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:।।
श्री लक्ष्मी महामंत्र
ऊँ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।