सावन के हर मंगलवार को माता गौरी की पूजा की जाती है। सावन माह के प्रत्येक मंगलवार को इस व्रत को करने के कारण इसे गौरी व्रत कहते है। पुराणों के अनुसार इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाएं के पति की लंबी आयु की कामना की जाती है। इसलिए सावन के महीने के हर मंगलवार को माता मंगला गौरी यानी पार्वतीजी की कथा सुनना फलदायी माना जाता है।
कुंडली में विवाह के दोष को दूर करता है मंगला गौरी व्रत
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 01 Aug 2017 02:58 PM IST
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