Shardiya Navratri Par Karein Upay: शक्ति की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 22 सितंबर 2025 से प्रारंभ हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में भक्तगण मां दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। शास्त्रों में मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए कई विधियों और उपायों का वर्णन है, लेकिन कुछ उपाय ऐसे हैं जिन्हें 'अचूक' माना जाता है।
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Shardiya Navratri 2025: माता रानी को खुश करने के लिए अपनाएं ये चार अचूक उपाय, बरसेगी मां दुर्गा की विशेष कृपा
Mon, 22 Sep 2025 06:02 AM IST
शिखर बरनवाल
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Mon, 22 Sep 2025 06:02 AM IST
सार
Shardiya Navratri 2025: 22 सितंबर को शारदीय नवरात्रि का पहला दिन है। इसके बाद नौ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा को खुश करने के लिए तरह के उपाय करते हैं। आइए इस लेख में चार ऐसे ही उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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नवरात्रि
- फोटो : Adobe Stock
अखंड ज्योत जलाएं
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अखंड ज्योत जलाएं
नवरात्रि में अखंड ज्योत का विशेष महत्व है। नौ दिनों तक निरंतर जलने वाली यह ज्योति आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करती है और सकारात्मकता का संचार करती है। यह देवी के प्रति आपकी अटूट आस्था और संकल्प का प्रतीक है। अखंड ज्योत जलाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है तथा परिवार पर मां दुर्गा की कृपा सदैव बनी रहती है। ध्यान रहे कि एक बार ज्योत जला दी तो वह खंडित नहीं होनी चाहिए।
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नवरात्रि में अखंड ज्योत का विशेष महत्व है। नौ दिनों तक निरंतर जलने वाली यह ज्योति आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करती है और सकारात्मकता का संचार करती है। यह देवी के प्रति आपकी अटूट आस्था और संकल्प का प्रतीक है। अखंड ज्योत जलाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है तथा परिवार पर मां दुर्गा की कृपा सदैव बनी रहती है। ध्यान रहे कि एक बार ज्योत जला दी तो वह खंडित नहीं होनी चाहिए।
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शारदीय नवरात्रि 2025
- फोटो : freepik
नवार्ण मंत्र का जाप
मंत्र साधना के लिए नवरात्रि सर्वश्रेष्ठ समय है। इस दौरान देवी के सबसे शक्तिशाली मंत्र "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" का जाप अवश्य करें। यह नवार्ण मंत्र कहलाता है, जिसमें महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की बीज शक्तियां समाहित हैं। प्रतिदिन रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करने से साधक को बल, बुद्धि, धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है और वह हर संकट से सुरक्षित रहता है।
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मंत्र साधना के लिए नवरात्रि सर्वश्रेष्ठ समय है। इस दौरान देवी के सबसे शक्तिशाली मंत्र "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" का जाप अवश्य करें। यह नवार्ण मंत्र कहलाता है, जिसमें महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की बीज शक्तियां समाहित हैं। प्रतिदिन रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करने से साधक को बल, बुद्धि, धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है और वह हर संकट से सुरक्षित रहता है।
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शारदीय नवरात्रि 2025
- फोटो : instagram
लाल आसन का प्रयोग
पूजा के दौरान सही आसन का प्रयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। लाल रंग मां दुर्गा को अत्यंत प्रिय है; यह शौर्य, शक्ति और सौभाग्य का प्रतीक है। नवरात्रि में पूजा और मंत्र जाप करते समय लाल रंग के ऊनी आसन पर ही बैठें। माना जाता है कि इससे साधना के दौरान उत्पन्न हुई ऊर्जा शरीर में ही समाहित रहती है और पृथ्वी में विलीन नहीं होती, जिससे साधक को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
पूजा के दौरान सही आसन का प्रयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। लाल रंग मां दुर्गा को अत्यंत प्रिय है; यह शौर्य, शक्ति और सौभाग्य का प्रतीक है। नवरात्रि में पूजा और मंत्र जाप करते समय लाल रंग के ऊनी आसन पर ही बैठें। माना जाता है कि इससे साधना के दौरान उत्पन्न हुई ऊर्जा शरीर में ही समाहित रहती है और पृथ्वी में विलीन नहीं होती, जिससे साधक को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
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पूजा थाली
- फोटो : adobe
श्रृंगार का सामान अर्पित करें
नवरात्रि में मां दुर्गा को सोलह श्रृंगार का सामान अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। इसमें लाल चुनरी, सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, मेहंदी आदि शामिल होते हैं। मां दुर्गा को 'सदा सुहागन' माना जाता है और उन्हें श्रृंगार की वस्तुएं भेंट करने से वे अत्यंत प्रसन्न होती हैं। ऐसा करने से वे साधक को, विशेषकर महिलाओं को, अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। यह उपाय आपकी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
नवरात्रि में मां दुर्गा को सोलह श्रृंगार का सामान अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। इसमें लाल चुनरी, सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, मेहंदी आदि शामिल होते हैं। मां दुर्गा को 'सदा सुहागन' माना जाता है और उन्हें श्रृंगार की वस्तुएं भेंट करने से वे अत्यंत प्रसन्न होती हैं। ऐसा करने से वे साधक को, विशेषकर महिलाओं को, अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। यह उपाय आपकी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।