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Shardiya Navratri 2023: नवरात्रि में जौ बोए जाने का क्या है महत्व? जानिए इसे बोने की सही विधि

Fri, 13 Oct 2023 02:00 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा कुमारी Updated Fri, 13 Oct 2023 02:00 PM IST
सार

हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व का विशेष महत्व होता है। इस बार नवरात्रि की शुरुआत रविवार 15 अक्तूबर 2023 से हो रही है। 24 अक्तूबर को विजयदशमी का त्योहार मनाया जाएगा। 

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Shardiya Navratri 2023 jau Bone ka Mahatva vidhi significance in hindi
navratri - फोटो : अमर उजाला

Jaware Bone ka Mahatva: हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व का विशेष महत्व होता है। इस बार नवरात्रि की शुरुआत रविवार 15 अक्तूबर 2023 से हो रही है। 24 अक्तूबर को विजयदशमी का त्योहार मनाया जाएगा। इस दौरान माता रानी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के दिनों में घर में अखंड ज्योति जलाई जाती है। ऐसा कहा जाता है कि नवरात्रि में पूजा के सभी नियमों का अत्यधिक ध्यान रखना पड़ता है अन्यथा माना रानी नाराज हो सकती है। नवरात्रि में कलश स्थापना और जौ का भी अधिक महत्व होता है। नवरात्रि के पहले ही दिन कलश स्थापना के साथ ही जौ बोए जाते हैं। इसे बहुत शुभ माना जाता है। इसके बिना मां अंबे की आराधना अधूरी रह जाती है। जौ बोने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं कि नवरात्रि में आखिर जौ क्यों बोए जाते हैं?

Shardiya Navratri 2023 jau Bone ka Mahatva vidhi significance in hindi
navratri - फोटो : Self
क्यों बोए जाते हैं जौ?

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचना की तब वनस्पतियों में सबसे पहले विकसित होने वाली फसल ‘जौ’थी। इस वजह से नवरात्रि के पहले दिन हमेशा जौ को बोया जाता है। साथ ही उनकी पूजा भी की जाती है।

Shardiya Navratri 2023 jau Bone ka Mahatva vidhi significance in hindi
navratri - फोटो : अमर उजाला

जौ को लेकर मान्यता
जौ को सृष्टि की पहली फसल माना जाता है। जब भी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है तो जौ ही अर्पित किए जाते हैं। मान्यता है कि जौ अन्न यानी ब्रह्मा के सामान है और अन्न का हमेशा सम्मान करना चाहिए।

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Shardiya Navratri 2023 jau Bone ka Mahatva vidhi significance in hindi
Shardiya Navratri 2023 - फोटो : iStock

जौ के संकेत 
अक्सर आपने देखा होगा कि कलश स्थापना के दौरान बोए गए जौ दो-तीन दिन में ही अंकुरित हो जाते है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि यदि ये जौ दो-तीन दिन में न उगें तो आपको कड़ी मेहनत करनी है, तभी फल मिलेगा।

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Shardiya Navratri 2023 jau Bone ka Mahatva vidhi significance in hindi
Shardiya Navratri 2023 - फोटो : iStock

जौ उगाने की विधि

जौ उगाने के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। अन्यथा ये सुख जाएंगे-

  • जौ उगाने के लिए मिट्टी का एक साफ प्याला लें।
  • प्याले को पानी से धो लें।
  • प्याले में कुमकुम से स्वस्तिक बनाएं।
  • इसके बाद मिट्टी और गोबर की सूखी खाद प्याले में डालें।
  • फिर पानी का छिड़काव करें।
  • मिट्टी को थोड़ा सा गीला होने दें।
  • प्याले की क्षमता के हिसाब से जौ डालें।
  • फिर इसे हाथों से फैलाएं।
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