शैली प्रकाश
Sharad Purnima 2025: शुभ योग में शरद पूर्णिमा, जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें
Sharad Purnima 2025: अश्विन माह की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं, जिसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यह वर्षभर की सभी पूर्णिमा तिथियों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।
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शरद पूर्णिमा पर करने योग्य 10 कार्य
लक्ष्मी-कुबेर और चंद्र देव की पूजा
शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी, चंद्र देव और भगवान कुबेर की विशेष आराधना करें। इस रात की गई चंद्र पूजा और आराधना से साल भर के लिए लक्ष्मी और कुबेर की कृपा प्राप्त होती है।
अमृतमयी खीर का सेवन
चावल की खीर बनाकर उसमें केसर-मेवा आदि डालें। खीर से भरे बर्तन को खुली चांदनी में रात भर रखें। मान्यता है कि चंद्र किरणों से बरसता अमृत खीर में समा जाता है। इस खीर को प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें।
चंद्र देव को दूध अर्पित करना
पूर्ण चंद्रमा के आकाश के मध्य स्थित होने पर उनका पूजन करें। चांदी के बर्तन में दूध रखकर चंद्रमा के प्रकाश में रखें। यह दूध भगवान को अर्पित करने के बाद पिया जाता है। सफल दांपत्य जीवन के लिए पति-पत्नी दोनों को चंद्रमा को दूध का अर्घ्य अवश्य देना चाहिए, इससे मधुरता बनी रहती है।
हनुमानजी की विशेष आराधना
शरद पूर्णिमा की रात हनुमानजी के सामने चौमुखा दीपक (मिट्टी के दीपक में तेल या घी) जलाएं। इससे हनुमानजी की विशेष कृपा प्राप्त होगी।
पीपल वृक्ष का पूजन
शास्त्रों के अनुसार, हर पूर्णिमा के दिन पीपल के वृक्ष पर मां लक्ष्मी का आगमन होता है। सुबह जल्दी उठकर पीपल के पेड़ के सामने मीठा चढ़ाकर जल अर्पित करें।
चंद्र ग्रहण दोष निवारण
यदि कुंडली में चंद्र ग्रहण दोष है, तो यह दिन उसे हटाने का सबसे अच्छा है। चंद्रमा से संबंधित चीजें दान करें या लोगों में खुलकर दूध बांटें। 6 नारियल अपने ऊपर से वार कर किसी बहती नदी में प्रवाहित करें।
विष्णु-लक्ष्मी मंदिर में दान
किसी भी विष्णु-लक्ष्मी मंदिर में जाकर इत्र और सुगंधित अगरबत्ती अर्पित करें। धन, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी से घर में स्थाई रूप से निवास करने की प्रार्थना करें।
रास पूर्णिमा का महत्व
इस दिन राधा-कृष्ण, भोलेनाथ-पार्वती, कार्तिकेय और गणेश पूजन का भी विशेष महत्व है, उनकी आराधना करें।
शरद पूर्णिमा व्रत कथा
इस दिन शरद पूर्णिमा की व्रत कथा अवश्य सुनें। मान्यता है कि व्रत कथा सुनने से व्रत का लाभ मिलता है और संतान सुख की प्राप्ति होती है।
आरती
माता लक्ष्मी की आरती के बाद कनक धारा स्त्रोत का पाठ करें।
शरद पूर्णिमा पर न करें ये 10 काम
तामसिक भोजन का सेवन
इस दिन मांस या मसालेदार भोजन का सेवन न करें। लहसुन और प्याज जैसे तामसिक खाद्य पदार्थों से भी दूर रहें।
इन चीजों का न करें सेवन
इस दिन किसी भी हालत में शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करें। माना जाता है कि पूर्णिमा पर इनका दिमाग पर गहरा और नकारात्मक असर होता है।