Pradosh Vrat 2023: हिन्दू धर्म में त्रयोदशी तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन देवों के देव महादेव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही मनचाहा वर पाने हेतु व्रत उपवास रखा जाता है। यह व्रत हर माह कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। नवंबर माह में आने वाला प्रदोष इस महीने का अंतिम प्रदोष है । नवंबर माह के अंतिम प्रदोष को कई शुभ योग बन रहे हैं। प्रदोष के दिन शुक्रवार होने के कारण यह शुक्र प्रदोष व्रत कहलाता है। शुक्र प्रदोष को व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा विधि विधान से करने पर वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। आइए जानते हैं शुक्र प्रोद्श व्रत का शुभ पूजन मुहूर्त महत्व और योग के बारे में।
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Pradosh Vrat 2023: नवंबर का अंतिम प्रदोष व्रत कब ? इस शुभ योग में होगी शिव पूजा, जानें पूजन मुहूर्त और महत्व
Tue, 21 Nov 2023 03:12 PM IST
श्वेता सिंह
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Tue, 21 Nov 2023 03:12 PM IST
सार
हिन्दू धर्म में त्रयोदशी तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन देवों के देव महादेव और माता पार्वती की पूजा की जाती है।
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Shukra Pradosh Vrat 2023
- फोटो : iStock
Shukra Pradosh Vrat 2023
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त्रयोदशी तिथि
- कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि आरंभ: 24 नवंबर, शुक्रवार, सायं 07: 06 मिनट पर
- कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि समाप्त: 25 नवंबर, दिन शनिवार, सायं 05:बजकर 22 मिनट पर
Shukra Pradosh Vrat 2023
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प्रदोष व्रत 2023 पूजा मुहूर्त
- 24 नवंबर को प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त: सायं 07 बजकर 06 मिनट से रात्रि 08 बजकर 06 मिनट तक है।
- प्रदोष व्रत पर शिव पूजा के लिए 1 घंटे का शुभ समय प्राप्त होगा।
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Shukra Pradosh Vrat 2023
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प्रदोष व्रत के दिन बन रहे हैं ये शुभ योग
- नंवबर के अंतिम प्रदोष व्रत के लिए सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, सिद्धि योग और व्यतीपात योग बन रहे हैं। इसमें शुरू के तीन योग शुभ फलदायी हैं। प्रदोष काल में पूजन के समय सर्वार्थ सिद्धि योग होगा। प्रदोष वाले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन बना है।
- अमृत सिद्धि योग सुबह 06 बजकर 51 मिनट से शाम 04 बजकर 01 मिनट तक है।
- सिद्धि योग प्रात:काल से लेकर सुबह 09 बजकर 05 मिनट तक रहेगा।
- उसके बाद से व्यतीपात योग शुरू हो जाएगा।
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Shukra Pradosh Vrat 2023
- फोटो : Social media
किस नक्षत्र में होगा प्रदोष
प्रदोष के दिन रेवती नक्षत्र सुबह से लेकर शाम 04 बजकर 01 मिनट तक है। उसके बाद से अश्विनी नक्षत्र होग।