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Narak Chaturdashi 2025: नरक चतुर्दशी पर करें ये 7 उपाय, दूर होगा अकाल मृत्यु का भय और आएगी सुख-समृद्धि
Sun, 19 Oct 2025 07:38 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 19 Oct 2025 07:38 AM IST
सार
Narak Chaturdashi 2025: नरक चतुर्दशी की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर तिल के तेल से पूरे शरीर पर मालिश करें और उसके बाद उबटन लगाकर स्नान करें। इसे अभ्यंग स्नान कहा गया है।
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नरक चतुर्दशी 2025
- फोटो : Amar Ujala
Narak Chaturdashi 2025: दीपावली से एक दिन पहले आने वाली नरक चतुर्दशी, जिसे रूप चौदस या छोटी दीपावली भी कहा जाता है, धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र दिन माना गया है। इस तिथि पर किए गए कर्म, पूजा और उपाय व्यक्ति के जीवन में सौंदर्य, स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि का वरदान देते हैं। शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन प्रातःकाल अभ्यंग स्नान करने और सायंकाल दीपदान करने से पापों का क्षय होता है तथा यमराज का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसा करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और घर में सुख, शांति और लक्ष्मी का स्थायी निवास होता है।
Narak Chaturdashi 2025
- फोटो : adobe stock
तिल तेल से अभ्यंग स्नान करें
नरक चतुर्दशी की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर तिल के तेल से पूरे शरीर पर मालिश करें और उसके बाद उबटन लगाकर स्नान करें। इसे अभ्यंग स्नान कहा गया है। ऐसा करने से शरीर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, पापों का नाश होता है और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
नरक चतुर्दशी की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर तिल के तेल से पूरे शरीर पर मालिश करें और उसके बाद उबटन लगाकर स्नान करें। इसे अभ्यंग स्नान कहा गया है। ऐसा करने से शरीर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, पापों का नाश होता है और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
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दिवाली रंगोली डिजाइन
- फोटो : Instagram
यम दीपदान अवश्य करें
इस दिन संध्या समय घर के बाहर, विशेषकर दक्षिण दिशा की ओर, एक दीपक जलाकर रखें। यह दीपक यमराज को समर्पित होता है। इसे यमदीपदान कहा जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन यमदीप जलाता है, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता और वह आयु, स्वास्थ्य तथा मानसिक शांति प्राप्त करता है।
इस दिन संध्या समय घर के बाहर, विशेषकर दक्षिण दिशा की ओर, एक दीपक जलाकर रखें। यह दीपक यमराज को समर्पित होता है। इसे यमदीपदान कहा जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन यमदीप जलाता है, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता और वह आयु, स्वास्थ्य तथा मानसिक शांति प्राप्त करता है।
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दिवाली पर सजावट
- फोटो : Instagram
यमराज की पूजा करें
नरक चतुर्दशी के दिन तिल, जल और दीप अर्पित करके “ॐ यमाय नमः” मंत्र का जाप करें। यमराज की पूजा से मृत्यु के भय का नाश होता है और व्यक्ति को संतुलित जीवन का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही, इससे पितरों की कृपा भी प्राप्त होती है।
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नरक चतुर्दशी के दिन तिल, जल और दीप अर्पित करके “ॐ यमाय नमः” मंत्र का जाप करें। यमराज की पूजा से मृत्यु के भय का नाश होता है और व्यक्ति को संतुलित जीवन का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही, इससे पितरों की कृपा भी प्राप्त होती है।
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दिवाली की शुभकामनाएं
- फोटो : Amar Ujala
दीपदान से दूर करें अंधकार
इस दिन पूरे घर में दीपक जलाने का विशेष महत्व है। पूजा स्थल, मुख्य द्वार, रसोई और तुलसी के पौधे के पास दीपक अवश्य जलाएं। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और धन-धान्य की वृद्धि होती है।
इस दिन पूरे घर में दीपक जलाने का विशेष महत्व है। पूजा स्थल, मुख्य द्वार, रसोई और तुलसी के पौधे के पास दीपक अवश्य जलाएं। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और धन-धान्य की वृद्धि होती है।