Karwa Chauth Fasting Rules: करवा चौथ 2025 का व्रत इस साल 10 अक्टूबर को रखा जाएगा। यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है, जब वे अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए पूरे दिन निर्जला उपवास करती हैं। सुबह सूर्योदय से लेकर रात में चंद्रमा के दर्शन होने तक महिलाएं बिना अन्न-जल ग्रहण किए व्रत का पालन करती हैं और फिर चांद देखकर व्रत का पारण करती हैं। इस कठिन उपवास में आस्था, प्रेम और समर्पण का सुंदर संगम देखने को मिलता है।
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करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास को प्रगाढ़ करने वाला पर्व है। परंतु कई बार अनजाने में या स्वास्थ्य कारणों से व्रत टूट सकता है। ऐसे में क्या करना चाहिए? क्या व्रत का फल मिलता है या नहीं? और किन उपायों से भूल सुधार की जा सकती है, यह जानना जरूरी हो जाता है।
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सरगी खाने के बाद महिलाएं पूरे दिन बिना भोजन और जल के व्रत रखती हैं।
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व्रत की शुरुआत कैसे करें?
करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से पहले सास की ओर से दी जाने वाली सरगी से शुरू होता है। इस सरगी में फल, मिठाई और पारंपरिक व्यंजन शामिल होते हैं। सरगी खाने के बाद महिलाएं पूरे दिन बिना भोजन और जल के व्रत रखती हैं। इस दिन वे भगवान शिव, पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय और करवा माता की विधिपूर्वक पूजा करती हैं।
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कभी-कभी अनजाने में पानी या भोजन ग्रहण हो जाता है और व्रत टूट जाता है।
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गलती से व्रत टूट जाए तो क्या करें?
कभी-कभी अनजाने में पानी या भोजन ग्रहण हो जाता है और व्रत टूट जाता है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। तुरंत स्नान करें, साफ कपड़े पहनें और पुनः भगवान शिव, पार्वती तथा करवा माता की पूजा करें। अपनी गलती के लिए क्षमा याचना करें और चंद्रमा निकलने तक व्रत जारी रखें। इसके अलावा, 16 श्रृंगार की सामग्री दान करने से व्रत टूटने के दोष से बचा जा सकता है और दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
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इस साल 10 अक्तूबर को करवा चौथ का यह पावन पर्व पूरी आस्था और उत्साह के साथ मनाएं।
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व्रत का महत्व
करवा चौथ का यह व्रत सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह पति-पत्नी के प्रेम और समर्पण का प्रतीक भी है। यह दिन उनके रिश्ते को मजबूत बनाता है। श्रद्धा, विश्वास और मन की शुद्धता से किया गया व्रत जीवन में खुशियां और सौभाग्य लेकर आता है। इस साल 10 अक्तूबर को करवा चौथ का यह पावन पर्व पूरी आस्था और उत्साह के साथ मनाएं।
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कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 9 अक्तूबर की रात 10:54 बजे से शुरू होकर 10 अक्तूबर की सुबह 7:38 बजे तक रहेगी।
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करवा चौथ 2025 की तारीख और शुभ मुहूर्त
इस साल करवा चौथ का त्योहार 10 अक्तूबर 2025, यानी शुक्रवार को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 9 अक्तूबर की रात 10:54 बजे से शुरू होकर 10 अक्तूबर की सुबह 7:38 बजे तक रहेगी। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:16 बजे से शाम 6:29 बजे तक होगा। चंद्रमा का उदय शाम 7:42 बजे होगा, और महिलाएं इसी समय चांद देखकर व्रत का पारण करती हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।