Kartik Snan 2025: कार्तिक माह शुरू हो चुका है और इसके साथ ही एक ऐसा पुण्यकाल आरंभ हो गया है, जिसे हिंदू धर्म में सबसे पवित्र महीनों में गिना जाता है। यह महीना भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में स्नान, व्रत, दीपदान, तुलसी पूजन, कथा-पाठ और दान करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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2025 में कार्तिक स्नान की शुरुआत 07 अक्तूबर , मंगलवार से हो चुकी है, जबकि शरद पूर्णिमा 06 अक्तूबर , सोमवार को मनाई गई। कार्तिक मास का हर दिन आध्यात्मिक रूप से विशेष महत्व रखता है। इस महीने में किए गए छोटे-छोटे सत्कर्म जीवन में बड़ा सकारात्मक प्रभाव लाते हैं। आइए जानते हैं कार्तिक माह में किए जाने वाले कुछ विशेष उपाय और नियम, जो भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा पाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
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ब्रह्म मुहूर्त में गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान करना श्रेष्ठ माना गया है।
कार्तिक स्नान का महत्व
ब्रह्म मुहूर्त में गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान करना श्रेष्ठ माना गया है। अगर संभव न हो तो गंगाजल मिलाकर घर पर स्नान करें। इससे शरीर व आत्मा की शुद्धि होती है और पापों से मुक्ति मिलती है।
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कार्तिक महीने में दीप जलाना बहुत पुण्यकारी होता है।
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दीपदान करें
कार्तिक महीने में तुलसी माता, पीपल वृक्ष, भगवान श्रीहरि विष्णु, यमदेव और मां लक्ष्मी के समक्ष दीप जलाना बहुत पुण्यकारी होता है। मिट्टी के दीपक हों तो प्रतिदिन नया लें, धातु के दीपक हों तो शुद्ध कर उपयोग करें।
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तुलसी के पास स्वच्छता बनाए रखें और भगवान को अर्पित किया गया भोग बिना तुलसी के न हो।
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तुलसी पूजा
प्रातः और संध्या के समय तुलसी के पास दीपक जलाएं। तुलसी को दूध मिश्रित जल चढ़ाएं। तुलसी के पास स्वच्छता बनाए रखें और भगवान को अर्पित किया गया भोग बिना तुलसी के न हो।
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हर दिन भगवान विष्णु को काले तिल अर्पित करें।
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भगवान विष्णु को तिल अर्पित करें
हर दिन भगवान विष्णु को काले तिल अर्पित करें। इससे जाने-अनजाने में हुए पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।