फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Jivitputrika Vrat 2020 in Hindi: Jivitya Vrat Katha, Date, Puja Timing, Significance In Nahay Khay

Jitiya Vrat 2020: जितिया व्रत में इन बातों का ध्यान रखना है जरूरी

Thu, 10 Sep 2020 03:59 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Thu, 10 Sep 2020 03:59 PM IST
विज्ञापन
Jivitputrika Vrat 2020 in Hindi: Jivitya Vrat Katha, Date, Puja Timing, Significance In Nahay Khay
जीवित्पुत्रिका पर्व पर पूजन करतीं महिलाएं - फोटो : सोशल मीडिया

Jitiya Vrat 2020: जितिया व्रत सुहागिन महिलाओं के द्वारा रखा जाता है। महिलाएं यह व्रत अपनी संतान के सुखी जीवन और उसकी लंबी आयु के लिए रखती हैं। इस व्रत को जिउतिया व्रत और जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है। शास्त्रों में इस व्रत को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं जिनका पालन करना व्रत में जरूरी होता है। ये नियम इस प्रकार हैं...

विज्ञापन

  • यह व्रत तीन दिनों तक चलता है। पहला दिन नहाए खाए कहलाता है। दूसरा दिन जितिया निर्जला व्रत और तीसरे दिन इस व्रत का विधिनुसार पारण किया जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

  • व्रत के पहले दिन नहाए खाए में सूर्यास्त के बाद कुछ नहीं खाना चाहिए। ऐसा करने से व्रत खंडित माना जाता है, जिसका फल व्रती को नहीं मिलता है और परिणाम स्वरूप संतान को भी कष्ट झेलने पड़ते हैं।
विज्ञापन

Jivitputrika Vrat 2020 in Hindi: Jivitya Vrat Katha, Date, Puja Timing, Significance In Nahay Khay
जीवित्पुत्रिका व्रत 2020 - फोटो : Social media
  • नहाए खाए के दिन व्रती के परिजनों को भी कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। खासकर भोजन में लहसुन प्याज नहीं डालना चाहिए और न ही किसी प्रकार का तामसिक भोजन करना चाहिए।

  • नहाए खाए के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए। शास्त्रों के अनुसार इस दिन नाखून भी गलती से नहीं काटने चाहिए। दरअसल जितिया व्रत को परम पावन माना गया है। इसलिए इस दौरान अशुद्ध और मलिन कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

  • इस अवधि में मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहए। क्योंकि ऐसा करने से देवी-देवता क्रोधित हो जाते हैं। इसके परिणाम स्वरूप व्रती के संतान को कष्ट होता है। इस व्रत में आपको इन सभी चीजों से दूर रहना चाहिए।

  • इस व्रत में झूठ नहीं बोलना चाहिए और न ही किसी पर क्रोधित होना चाहिए। व्रत में झूठ बोलना पाप माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि झूठ बोलने से व्रत खंडित हो जाता है और व्रती को उसकी श्रद्धा का फल नहीं मिलता है। 

  • इसके अलावा व्रत में किसी के प्रति द्वेष की भावना नहीं रखना चाहिए और न ही किसी से अपशब्द बोलना चाहिए। लड़ाई-झगड़े, शारीरिक संबंध आदि से दूर रहना चाहिए। ऐसा करने से व्रती पाप का भागीदारी बनता है और संतान को दीर्घायु व सुखी जीवन प्राप्त होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed