Maha Shivratri Calendar 2023: भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि आज है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा आराधना और की जाती है। इस दिन पूरे दिन उपवास रखते हुए शिवजी की दिन-रात साधना और पूजा-पाठ करने का महत्व होता है। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक और बेलपत्र, भांग, धतूरा, भस्म, चंदन, फूल और दूध-दही अर्पित करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की 14वीं तिथि यानी चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार महाशिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन शनि प्रदोष और महाशिवरात्रि दोनों ही एक साथ पड़ रही है जिस कारण से महाशिवरात्रि का महत्व काफी बढ़ गया है। इसके अलावा महाशिवरात्रि पर कई शुभ योगों का निर्माण भी हो रहा है। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि के त्योहार का महत्व और संपूर्ण पूजा विधि और सभी तरह की जानकारी।
{"_id":"63ef0444e6e4a7646a0c5c9b","slug":"happy-maha-shivratri-2023-wishes-quotes-images-pics-photo-whatsapp-status-messages-2023-02-17","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Maha Shivratri Calendar 2023: तस्वीरों में करें भोले भंडारी के दर्शन, अपनों को दें महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Maha Shivratri Calendar 2023: तस्वीरों में करें भोले भंडारी के दर्शन, अपनों को दें महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं
Sat, 18 Feb 2023 12:56 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 18 Feb 2023 12:56 PM IST
विज्ञापन
Mahashivratri 2023 : भोलेनाथ थोड़ी सी भक्ति और बेलपत्र एवं जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं।
- फोटो : अमर उजाला
mahashivratri 2023
- फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?
महाशिवरात्रि को लेकर कई तरह की धार्मिक कथाएं प्रचलित है। शिवपुराण के अनुसार फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवलिंग के रूप में भगवान प्रकट हुए थे और भगवान विष्णु और ब्रह्राजी ने सबसे पहले शिवलिंग की पूजा की थी इस कारण से महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। वहीं एक अन्य कथा के अनुसार महाशिवरात्रि की तिथि पर ही देवी पार्वती का विवाह भगवान शिव के संग हुआ था।
mahashivratri 2023
- फोटो : अमर उजाला
शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में अंतर
शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि बहुत ही प्रिय होती है। इस कारण से हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि मासिक शिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। लेकिन फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है इस दिन शिवलिंग प्रगट हुआ और भगवान शिव संग माता पार्वती का विवाह हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
mahashivratri 2023
- फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि पर कब पूजा करना शुभ
महाशिवरात्रि जैसे कि इसके नाम से ही स्पष्ट होता है कि भगवान शिव की रात्रि का पर्व। महाशिवरात्रि पर पूरे दिन-रात पूजा की जा सकती है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा रात्रि के चार प्रहर में करना सबसे शुभ माना जाता है। जिसमें रात्रि का आठवां मूहूर्त निशीथकाल में पूजा सर्वश्रेष्ठ होता है।
विज्ञापन
mahashivratri 2023
- फोटो : अमर उजाला
चार पहर के महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त
रात्रि प्रथम प्रहर : 18 फरवरी शाम 6:21 मिनट से रात 9:31 तकरात्रि द्वितीय प्रहर : 18 फरवरी रात 9: 31 मिनट से 12:41 मिनट तक
रात्रि तृतीय प्रहर : 18-19 फरवरी की रात 12:42 मिनट से 3: 51 मिनट तक
रात्रि चतुर्थ प्रहर : मध्यरात्रि बाद 3:52 मिनट से सुबह 7:01 मिनट तक