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Lalahi Chhath 2023 Date: माताएं आज रख रही हैं हलषष्ठी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Tue, 05 Sep 2023 09:12 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Tue, 05 Sep 2023 09:12 AM IST
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Hal Shashti Lalahi Chhath 2023 Vrat Date Shubh Muhurat Time Vrat Importance Significance And Puja Vidhi
संतान के लिए खास है हरछठ व्रत, जानें मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व - फोटो : Amar Ujala

Hal Sashti 2023 Date, Shubh Muhurat and Puja Vidhi: भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हलछठ का त्योहार मनाया जाता है। इस साल यह पर्व आज यानी 5 सितंबर 2023 को है। इसे हलषष्ठी, ललई छठ और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व बलराम जी को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। ऐसा माना जाता है कि द्वापर युग में श्रीकृष्ण के जन्म से पहले शेषनाग ने बलराम के रूप में जन्म लिया था। हरछठ का व्रत संतान की दीर्घ आयु और उनकी सम्पन्नता के लिए किया जाता है। इस दिन माताएं संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और पूजा करती हैं। इस व्रत को करने से पुत्र पर आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं हलषष्ठी व्रत का मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि...



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Hal Shashti Lalahi Chhath 2023 Vrat Date Shubh Muhurat Time Vrat Importance Significance And Puja Vidhi
संतान के लिए खास है हरछठ व्रत, जानें मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व - फोटो : istock
हलछठ तिथि

पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि की शुरुआत 4 सितंबर 2023 को शाम 04 बजकर 41 मिनट पर हो रही है। इसका समापन अगले दिन 5 सितंबर 2023 को दोपहर 03 बजकर 46 मिनट पर होगा। उदया तिथि को देखते हुए इस साल हलषष्ठी 5 सितंबर 2023 को मनाया जा रहा है।

Hal Shashti Lalahi Chhath 2023 Vrat Date Shubh Muhurat Time Vrat Importance Significance And Puja Vidhi
संतान के लिए खास है हरछठ व्रत, जानें मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व - फोटो : iStock
हलछठ पूजा विधि
  • हलछठ वाले दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। 
  • इसके बाद साफ कपड़े पहनकर गोबर ले आएं। 
  • फिर साफ जगह पर गोबर से पुताई कर तालाब बनाएं। 
  • इस तालाब में झरबेरी, ताश और पलाश की एक-एक शाखा बांधकर बनाई गई हरछठ को गाड़ दें। 
  • अंत में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करें। 
  • पूजा के लिए सात तरह के अनाज जैसे गेहूं, जौ, अरहर, मक्का, मूंग और धान चढ़ाएं इसके बाद हरी कजरियां, धूल के साथ भुने हुए चने चढ़ाएं। 
  • आभूषण और हल्दी से रंगा हुआ कपड़ा भी चढ़ाएं। 
  • फिर भैंस के दूध से बने मक्खन से हवन करें। अंत में हरछठ की कथा सुनें।
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Hal Shashti Lalahi Chhath 2023 Vrat Date Shubh Muhurat Time Vrat Importance Significance And Puja Vidhi
संतान के लिए खास है हरछठ व्रत, जानें मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व - फोटो : iStock

पूजा के बाद के महिलाएं भैंस के दूध से बने दही और महुआ को पलाश के पत्ते पर खाती हैं और व्रत का समापन करती हैं। इस व्रत को करने से व्रती को धन, ऐश्वर्य आदि की प्राप्ति होती है।

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Hal Shashti Lalahi Chhath 2023 Vrat Date Shubh Muhurat Time Vrat Importance Significance And Puja Vidhi
संतान के लिए खास है हरछठ व्रत, जानें मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व - फोटो : iStock
हलछठ व्रत महत्व 
हरछठ व्रत के दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और उनके सुखी जीवन के लिए पूजा करती हैं। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से संतान के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन में खुशियां आती हैं।
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