Diwali 2025: दीपावली केवल घर के भीतर रोशनी करने का पर्व नहीं, बल्कि यह समूचे वातावरण में सकारात्मकता फैलाने का अवसर है। धर्मग्रंथों के अनुसार जिस प्रकार घर के अंदर दीपक जलाने से लक्ष्मी का आगमन होता है, वैसे ही घर के बाहर विशेष स्थानों पर दीप जलाना भी शुभ और पुण्यकारी माना गया है। ये दीपक न केवल देवी-देवताओं को प्रसन्न करते हैं, बल्कि पितरों और अदृश्य शक्तियों को भी संतुष्ट करते हैं। आइए जानते हैं दीपावली की रात घर के बाहर कहां-कहां दीपक अवश्य जलाना चाहिए।
2 of 9
दिवाली की रंगोली
- फोटो : अमर उजाला
1. घर के मुख्य द्वार के बाहर
दीपावली की रात सबसे पहले दीपक घर के मुख्य द्वार के बाहर जलाएं। यह देवी लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक है। द्वार के दोनों ओर घी या तिल के तेल के दीपक रखें और उसके पास हल्दी-कुंकुम से ‘श्री’ या ‘स्वस्तिक’ का चिन्ह बनाएं। यह दरिद्रता को दूर कर समृद्धि का द्वार खोलता है।
3 of 9
Happy Diwali 2025 Wishes
- फोटो : अमर उजाला
2. घर के चारों कोनों पर दीपक
वास्तु और धर्म दोनों के अनुसार दीपावली की रात घर के चारों दिशाओं—पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण—के कोनों पर एक-एक दीपक अवश्य जलाना चाहिए। इससे घर की सीमा सुरक्षित रहती है, नकारात्मक ऊर्जाएं भीतर प्रवेश नहीं करतीं और सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।
4 of 9
Happy Diwali 2025 Wishes
- फोटो : अमर उजाला
3. तुलसी चौरे या बगीचे में दीपक
यदि घर के बाहर तुलसी का पौधा या छोटा बगीचा हो तो वहां एक दीपक अवश्य जलाएं। तुलसी भगवान विष्णु की प्रिय हैं और दीपावली की रात उनके समीप दीप जलाने से घर में स्वास्थ्य, पारिवारिक सौहार्द और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
5 of 9
Happy Diwali 2025 Wishes
- फोटो : अमर उजाला
4. पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक
पीपल का वृक्ष स्वयं ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना गया है। दीपावली की रात पीपल के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाने से पापों का क्षय होता है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। लेकिन ध्यान रखें कि पीपल के नीचे दीपक जलाने के बाद उसे पैर से न छुएं और बिना प्रणाम किए वहां से न जाएं।