फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि शुभारंभ, जानें घटस्थापना मुहूर्त, भोग और पूजा विधि से लेकर सभी जानकारी

Sun, 30 Mar 2025 07:40 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Sun, 30 Mar 2025 07:40 AM IST
सार

चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। आइए जानते हैं इस बार चैत्र नवरात्रि की कलश स्थापना मुहूर्त और पूजा विधि क्या है। साथ ही जानेंगे पूजा सामग्री लिस्ट, भोग, मंत्र, माता की सवारी के साथ अन्य महत्वपूर्ण जानकारी, जिसकी मदद से आप इस पर्व को पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मना सकें।

विज्ञापन
Chaitra Navratri 2025 Maa Durga Puja Vidhi Kalash Sthapana Timing Subh Muhurat in Hindi
chaitra navratri march 2025 - फोटो : अमर उजाला
Chaitra Navratri 2025 Ghatasthapana Vidhi Day 1: चैत्र नवरात्रि सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो मां दुर्गा को समर्पित होता है। इस साल चैत्र नवरात्रि का आरंभ 30 मार्च 2025, रविवार यानी आज से हो रहा है, जो 6 अप्रैल 2025, रविवार को समाप्त होगी। दरअसल इस साल चैत्र नवरात्रि 8 दिन की होगी, क्योंकि इस बार द्वितीया और तृतीया तिथि एक ही दिन पड़ रही है। आइए जानते हैं कि इस बार चैत्र नवरात्रि की कलश स्थापना मुहूर्त और पूजा विधि क्या है। साथ ही जानेंगे पूजा सामग्री लिस्ट, भोग, मंत्र, माता की सवारी के साथ अन्य महत्वपूर्ण जानकारी, जिसकी मदद से आप इस पर्व को पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मना सकें।


चैत्र नवरात्रि 2025 का आरम्भ और समापन 
साल 2025 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 30 मार्च 2025 को होगी। यह प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को शाम 04:27 बजे से शुरू होगी, जो 30 मार्च को दोपहर 12:49 बजे समाप्त होगी। इसी दिन नवरात्रि के शुभारंभ के साथ कलश स्थापना की जाती है। 
 

Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि में करें दुर्गा सप्तशती का पाठ, सभी तरह की समस्याओं से मिलेगा निजात

Chaitra Navratri 2025 Maa Durga Puja Vidhi Kalash Sthapana Timing Subh Muhurat in Hindi
चैत्र नवरात्रि 2025 घटस्थापना मुहूर्त - फोटो : adobe stock
घटस्थापना मुहूर्त
30 मार्च 2025 को कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06:13 बजे से 10:22 बजे तक रहेगा। इसके बाद दोपहर 12:01 बजे से 12:50 बजे तक अभिजित मुहूर्त में भी कलश स्थापना का कार्य करना शुभ रहेगा। कलश स्थापना घर में शांति, समृद्धि और सुख के साथ नवरात्रि पूजा का आधार बनता है।

कलश स्थापना की सामग्री
मिट्टी, मिट्टी का घड़ा, मिट्टी का ढक्कन, कलावा, जटा वाला नारियल, जल, गंगाजल, लाल रंग का कपड़ा, एक मिट्टी का दीपक, मौली, थोड़ा सा अक्षत, हल्दी।
 

Navratri 2025: ऐसे लोगों को नहीं रखना चाहिए नवरात्रि का व्रत, मिल सकते हैं विपरीत परिणाम


 
Chaitra Navratri 2025 Maa Durga Puja Vidhi Kalash Sthapana Timing Subh Muhurat in Hindi
कलश स्थापना की सामग्री - फोटो : adobe stock
मां दुर्गा के सोलह श्रृंगार की लिस्ट
लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, काजल,  मेहंदी, महावर, शीशा, बिछिया, इत्र, चोटी, गले के लिए माला या मंगलसूत्र, पायल, नेल पेंट, लिपस्टिक, रबर बैंड, नथ, गजरा, मांग टीका, कान की बाली, कंघी, शीशा आदि।

अखंड ज्योति के लिए सामग्री
पीतल या मिट्टी का साफ दीया, रुई की बत्ती, रोली या सिंदूर, चावल।
 

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि में नहीं कर पा रहे 9 दिन के व्रत तो करें ये पांच उपाय, मिलेगा पूरा फल


 
विज्ञापन
विज्ञापन
Chaitra Navratri 2025 Maa Durga Puja Vidhi Kalash Sthapana Timing Subh Muhurat in Hindi
कलश स्थापना विधि - फोटो : freepik
कलश स्थापना विधि
पूजा से पहले कलश स्थापना का विधान है। आप सबसे पहले एक मिट्टी के पात्र को लेकर उसमें थोड़ी सी मिट्टी डाल दें।  फिर इस पात्र में जौ के बीज डालकर उसे मिलाएं। इसके बाद मिट्टी के पात्र पर पानी से छिड़काव करें। अब आप एक तांबे का लोटा लेकर उसपर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। उसके ऊपरी हिस्से में मौली बांधकर साफ जल भरें। इस जल में दूब, अक्षत, सुपारी और कुछ पैसे रख दें।  अशोक की पत्तियां कलश के ऊपर रख दें। अब पानी के एक नारियल को लाल चुनरी से लपेटकर मौली बांध दें। इस नारियल को कलश के बीच में रख दें, और बाद में इसे पात्र के मध्य में स्थापित कर दें।
 
विज्ञापन
Chaitra Navratri 2025 Maa Durga Puja Vidhi Kalash Sthapana Timing Subh Muhurat in Hindi
पूजा विधि  - फोटो : adobe stock
पूजा विधि 
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। इसके लिए प्रातः स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर एक चौकी रखें और उस पर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से कलश स्थापना करें। अब मां शैलपुत्री का ध्यान करते हुए पूजन प्रारंभ करें। मान्यता है कि षोडशोपचार विधि से पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ती होती है। इसके बाद मां को कुमकुम, सफेद, लाल या पीले फूल अर्पित करें और दीप प्रज्वलित करके धूप जलाएं। इसके साछ ही देवी की आरती करें और दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती या मां शैलपुत्री की कथा का पाठ करें।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed