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चैत्र नवरात्रि 2020: जानिए घट स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मां के नौ स्वरूप का मतलब
Wed, 25 Mar 2020 12:07 AM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Wed, 25 Mar 2020 12:07 AM IST
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25 मार्च, बुधवार से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो रहा है। चैत्र मास के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होकर रामनवमी तक मां दूर्गा का पावन पर्व नवरात्रि मनाया जाएगा। इन नौं दिनों मेें मां के नौं रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों उपवास का भी विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में शक्ति के नौं रुपों की पूजा करने से सभी तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं और जीवन में सुख, शांति आ जाती है। अगली स्लाइड्स में जानते हैं घट स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा....
घटस्थापना
- नवरात्रि प्रारंभ होते ही घट स्थापना की जाती है। घट स्थापना करने से घर में सकारात्मकता का वास होता है और घर में खुशहाली आ जाती है। घटस्थापना के बाद नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाई जाती है औक विधि- विधान से पूजा- अर्चना की जाती है। घटस्थापना के बाद ही उपवास का प्रण लेकर उपवास रखे जाते हैं।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
25 मार्च, बुधवार
25 मार्च, बुधवार
- सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 7 बजकर 17 मिनट तक
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पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठ कर स्नान करें।
- स्नान के बाद साफ और स्वच्छ कपड़े पहने।
- घर के मंदिर में साफ-सफाई करें।
- मंदिर में साफ-सफाई करने के बाद मंदिर में एक साफ-सुथरी चौकी बिछाएं।
- गंगाजल छिड़क कर चौकी को पवित्र करना न भूलें।
- चौकी के समक्ष किसी बर्तन में मिट्टी फैलाकर ज्वार के बीज बो दें।
- मां दुर्गा की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें और दुर्गा जी का रोली से तिलक करें।
- नारियल में भी तिलक लगाएं।
- फूलों का हार दुर्गा जी की प्रतिमा को पहनाएं।
- कलश स्थापना करने से पहले कलश पर स्वास्तिक अवश्य बना लें।
- कलश में जल, अक्षत, सुपारी, रोली एवं मुद्रा (सिक्का) डालें और फिर एक लाल रंग की चुन्नी से लपेट कर रख दें।
आज जानते हैं कौन-कौन से है मां के नौ रूप और क्या है महत्व।
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मां शैलपुत्री
- यह देवी दुर्गा के नौ रूपों में से प्रथम रूप है। मां शैलपुत्री चंद्रमा को दर्शाती हैं और इनकी पूजा से चंद्रमा से संबंधित दोष समाप्त हो जाते हैं।