आज से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पर्व शुरू हो चुका है। इस बार गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ बहुत ही शुभ योग में हुआ है और इस पावन पर्व का समापन (18 जुलाई) भी बहुत ही शुभ नक्षत्र के योग में होगा। गुप्त नवरात्रि की शुरुआत रवि पुष्य योग के साथ हुई है और समापन अबूझ मुहूर्त भड़ली नवमी पर होगा। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक चलने वाले इस पावन पर्व में शक्ति की साधना की जाती है। नवरात्रि को सनातन धर्म का सबसे पवित्र और ऊर्जादायक पर्व माना गया है। एक वर्ष में चार नवरात्रि होते हैं। इनमें दो को गुप्त और दो सामन्य कहे गए हैं। गुप्त नवरात्रि आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा और वर्षा ऋतु के मध्य आरंभ होता है। यह नवरात्रि गुप्त साधनाओं के लिए परम श्रेष्ठ कहा गया है। मान्यता के अनुसार, गुप्त नवरात्रि पर्व में कुछ विशेष उपाय करने से जातकों को नौकरी, व्यापार, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में खूब तरक्की मिलती है। आप भी ये उपाय गुप्त नवरात्रि के दिन कर सकते हैं-
Gupt Navratri july 2021: आज से गुप्त नवरात्रि पर्व शुरू, मां शक्ति से जुड़े ये उपाय दिलाएंगे हर क्षेत्र में कामयाबी
कर्ज से छुटकारा पाने का उपाय
यदि आपके ऊपर किसी भी प्रकार का कर्ज है और प्रयास करने के बाद भी कर्ज चुकता नहीं हो पा रहा है तो आप गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन यानि नवमी तिथि पर आम की समिधा से हवन अग्नि प्रज्वलित करें और उसमें गाय के शुद्ध घी में कमलगट्टे को डुबोकर दुर्गासप्तशती का पाठ करते हुए आहुति दें। हवन पूर्ण होने के बाद अपने घर पर नौं कन्याओं को बुलाकर पूजन करें और उन्हें मखाने की खीर बनाकर खिलाएं। दक्षिणा देकर उनसे आशीर्वाद लें और उन्हें सम्मानपूर्वक विदा करें। मां दुर्गा की कृपा से जल्दी ही कर्ज से मुक्ति के रास्ते बनने लगते हैं।
नवमी के दिन भोजपत्र पर केसर की स्याही से दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम लिखें। उसके बाद अष्टोत्तर शतनाम में लिखे मां के 108 नामों का उच्चारण करते हुए हवन में आहुति दें। हवन पूर्ण हो जाने के बाद भोजपत्र चांदी में जड़वाकर ताबीज की तरह बनवा लें। इसे अपने गले में धारण करें या फिर इसे चांदी की डिब्बी में सुरक्षित करके धन स्थान पर रख दें। इससे कभी भी धन की कमी नहीं होती है। माना जाता है कि इसके प्रभाव से व्यक्ति को अपार धन की प्राप्ति हो सकती है।
गुप्त नवरात्रि की नवमी के दिन मां दुर्गा के समक्ष दुर्गासप्तशती के 12वें अध्याय के 21 पाठ निष्ठा के साथ करें। तत्पश्चात कन्या पूजन करें और उन्हें भोजन करवाएं, इससे आपके व्यापार और नौकरी में आने वाली समस्त बाधाएं दूर होती हैं। आपका कारोबार भी तरक्की पकड़ने लगता है।
हर कार्य में सफलता पाने के लिए करें यह काम
यदि आप सर्वत्र उन्नति प्राप्त करना चाहते हैं तो गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि के दिन सायंकाल के समय गेहूं के आटे में काले तिल मिलाकर उसे गूंथ लें। अब इस आटे के 11 दीपक बनाकर इसमें सरसों का तेल डालकर मां दुर्गा मंदिर में प्रज्जवलित करें। इसके बाद मां दुर्गा के समक्ष वहीं पर बैठकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें। मान्यता है कि इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।