Ganpati Visarjan Vidhi at Home: 7 सितंबर 2024 से गणेशोत्सव की शुरूआत हो चुकी है, जबकि गणेश विसर्जन 17 सितंबर को किया जाएगा। इस दौरान भक्तजन बप्पा की मूर्ति को घर लाते हैं, और भव्य तरीके से उनका स्वागत करते हैं। भारत में गणेश चतुर्थी को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हालांकि महाराष्ट्र में इसकी अलग रौनक देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो जातक गणपति जी की सच्चे भाव से पूजा करता है, उसके जीवन में सुखों का आगमन होता है। साथ ही सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती हैं।
गणेश चतुर्थी सभी के लिए एक बड़ा त्योहार है। इन दिनों बप्पा के आगमन से परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। वहीं जिस धूम धाम से गणपति जी को लाया जाता है, ठीक वैसे ही उन्हे विसर्जित करने का विधान है। आमतौर पर सभी गणपति बप्पा का विसर्जन नदी, झील या तालाब में करते हैं। परंतु पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए घर पर भी गणपति विसर्जन किया जाता है। ऐसे में अगर आप घर पर गणपति बप्पा का विसर्जन कर रहे हैं, तो इसे पूर्ण विधि से करना चाहिए। इसी कड़ी में आइए गणेश विसर्जन की संपूर्ण विधि के बारे में जानते हैं।
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Ganpati Visarjan Vidhi
- फोटो : freepik
गणेश विसर्जन विधि
गणेश विसर्जन करने से पहले पूरे परिवार के साथ गणेश पूजन करें। इस दौरान उन्हें मोदक का भोग लगाएं। इसके बाद लड्डू, फल और अन्य खाने की चीजें अर्पित करें। इस दौरान उन्हें 56 भोग अर्पित करना न भूलें।
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फिर परिवार के साथ मिलकर गौरी पुत्र गणेश की आरती करें। इसके बाद घर के खुले स्थान पर एक बड़े बर्तन में साफ पानी भरें। इस पानी की मात्रा बप्पा की मूर्ति के अनुसार निर्धारित करें।
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पानी में सबसे पहले गंगाजल डालें। इस दौरान भगवान गणेश के मंत्रों का जप करते रहें। फिर बप्पा की मूर्ति को जयकारा लगाते हुए उठाएं और जिस बर्तन में पानी है, उसमें धीरे-धीरे उनकी मूर्ति को डालें।
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धीरे-धीरे जब गणपति बप्पा की प्रतिमा विसर्जित हो जाएगी, तब इस पानी को आप पीपल के पेड़ के नीचे या गमले में डाल सकते हैं। इस दौरान पूजा में उपयोग हुई सामग्रियों को गणेश जी की प्रतिमा के साथ ही विसर्जित कर दें।