Vinesh Phogat Birthday Special : कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन बार स्वर्ण पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाने वाली भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट का आज जन्मदिन है। विनेश फोगाट 25 अगस्त 2023 को 29 साल की हो गई हैं। देश की इस सुपरस्टार महिला पहलवान ने संघर्ष से सफलता का सफर तय किया। राह में कई मुश्किले आईं, लेकिन सब पार करते हुए उन्होंने भारतीय कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय मंच पर दमदार जगह बनाई। तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल, एशियाई खेलों में स्वर्ण, वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो बार स्वर्ण और तीन सिल्वर अपने को अपने करियर में हासिल कर चुकी हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि देश की दमदार महिला पहलवानों की सूची में अपना स्थान बनाने वाली विनेश फोगाट इस मुकाम तक कैसे पहुंची, उनके करियर की शुरुआत कैसे हुई? जन्मदिन पर जानिए महिला पहलवान विनेश फोगाट के संघर्ष, करियर और उपलब्धियों के बारे में।
Vinesh Phogat: कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं विनेश फोगाट, खास है सफलता की कहानी
क्या आपको पता है कि देश की दमदार महिला पहलवानों की सूची में अपना स्थान बनाने वाली विनेश फोगाट इस मुकाम तक कैसे पहुंची, उनके करियर की शुरुआत कैसे हुई? जन्मदिन पर जानिए महिला पहलवान विनेश फोगाट के संघर्ष, करियर और उपलब्धियों के बारे में।
विनेश फोगाट का जीवन परिचय
25 अगस्त 194 को हरियाणा के बलाली गांव में विनेश फोगाट का जन्म हुआ। विनेश का जन्म भारत के सबसे प्रसिद्ध कुश्ती परिवार में हुआ। विनेश के ताऊ जी महावीर सिंह ने फोगाट बहनों को बहुत कम उम्र से ही इस खेल से परिचय करा दिया था। विनेश भी अपनी चचेरी बहनों गीता फोगाट और बबीता कुमारी के नक्शेकदम पर चल पड़ीं।
जब फोगाट बहनों ने कुश्ती करना शुरू किया तो हरियाणा के गांव में लड़कियों को कुश्ती सिखाने के बारे में सोचा भी नहीं जाता था। उन्हें और उनके माता पिता को ताने दिए जाते थे। लेकिन जब विनेश केवल छह साल की थीं, तो उनके ताऊजी महावीर फोगाट ने घर की लड़कियों को पहलवानी सिखाने की ठान ली।
ये इतना आसान नहीं थी। महज़ नौ साल की उम्र में विनेश के पिता का अचानक निधन हो गया। विनेश के ताऊ जी ने अपनी बेटियों विनेश को भी कुश्ती सिखानी शुरू की। पुरुषवादी व रूढ़िवादी सोच के लोगों ने महावीर फोगाट को बहुत बुरा भला कहा। फोगाट बहनों ने छोटे छोटे बाल रखें और निक्कर पहनकर गांव में प्रैक्टिस करने जाने लगीं। लोग कहते कि बेटियों को कम से कम फुल पैंट पहनाओ।
कड़क ट्रेनिंग ने बनाया पहलवान
जब उनकी ट्रेनिंग शुरू हुई तो सुबह साढ़े तीन बजे उठ जाना पड़ता था। बचपन से ही बिना ट्रेनिंग के घंटों की गिनती किए बिना लगातार प्रैक्टिस करती थीं। गलती होने पर मार भी पड़ती। ट्रेनिंग के बाद वह स्कूल भी जाती, जहां थकान के कारण वह क्लासरूम में सो जाया करती थीं। बाल लंबे करने की इजाजत उन्हें नहीं थी, क्योंकि विनेश के ताऊ जी को लगता था कि लंबे बार ध्यान भटका सकते हैं।
विनेश फोगाट का करियर
2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में विनेश फोगाट ने अपना पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता। उन्होंने स्वर्ण जीता तो ओलंपिक खेलों में कदम रखने के लिए आत्मविश्वास बढ़ा। फिर 2016 रियो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। हालांकि उस दौरान वह पदक जीतने से चूक गईं। लेकिन इसके बाहर उन्होंने 2018 में राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में स्वर्ण हासिल किा।
विनेश फोगाट की उपलब्धि
नूर सुल्तान में पहला विश्व चैंपियनशिप पदक हासिल किया और इससे पहले एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर सभी को हैरान कर दिया। 2021 एशियाई चैंपियनशिप में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। टोक्यो ओलंपिक का हिस्सा बनीं। साथ ही राष्ट्रमंडल खेल 2022 में लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। विनेश फोगाट तीन राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं।

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