फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

राधा यादव: झुग्गी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर, आज लहरा रही हैं कामयाबी का परचम

Mon, 02 Mar 2020 06:31 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Mon, 02 Mar 2020 06:31 AM IST
विज्ञापन
radha yadav success story of a woman cricketer who is hero of t-20 women world cup
राधा यादव - फोटो : ट्विटर

राधा यादव का नाम आज हर घर में लिया जा रहा है। हो भी क्यों न? महिला वर्ल्ड टी-20 में भारत के अजेय रथ को आगे बढ़ाने वाले का सेहरा उनके सिर पर जो बंधा है। राधा यादव महिला क्रिकेट की उभरती हुई स्टार हैं जिन्होंने श्रीलंका को सात विकेट से हराकर लीग मैच का अंत ग्रुप ए में टॉप पर रहकर किया। राधा यादव को इस मैच में प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।  इस महिला क्रिकेटर की कहानी बहुत ही प्रेरणादायी और शानदार है।



 
radha yadav success story of a woman cricketer who is hero of t-20 women world cup
राधा यादव - फोटो : ट्विटर

राधा यादव का जन्म मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के अजोशी गांव में हुआ था। शुरू की पढ़ाई गांव में करने के बाद राथा ने इंटरमीडिएट की परीक्षा केएन इंटर कॉलेज बांकी से पास किया था। वहीं परिवार के पालन-पोषण के लिए राधा के पिता मुंबई में डेयरी उद्योग से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही राधा के पिता की एक छोटी सी दुकान भी है जिसमें दैनिक जरूरतों के सामान मिलते हैं।  हांलाकि पिता के इस व्यवसाय को देखकर उनकी बेटी बिल्कुल भी नहीं चाहती थी कि वो ऐसा काम करें।


 
radha yadav success story of a woman cricketer who is hero of t-20 women world cup
राधा यादव - फोटो : ट्विटर

पिता के पास मुंबई में रहकर क्रिकेट की कोचिंग ली और 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चुनी गईं। महज छह वर्ष की उम्र में ही राधा ने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। पहले वह मोहल्ले के ही बच्चों के साथ खेलती थी। गली में स्टंप लगाकर लड़कों के साथ एकमात्र लड़की को खेलते देख आसपास के लोग परिवार पर तंज कसते थे। पिता ओमप्रकाश बताते हैं कि उन्हें अक्सर यह सुनने को मिलता था कि बेटी को इतनी छूट ठीक नहीं। लड़के कुछ बोल दें या मारपीट कर दें तो दिक्कत हो जाएगी। मगर उन्होंने कभी भी इसकी परवाह नहीं की। बेटी को खुलकर अपनी मर्जी से खेलने की हमेशा छूट दी। 


विज्ञापन
विज्ञापन
radha yadav success story of a woman cricketer who is hero of t-20 women world cup
राधा यादव - फोटो : ट्विटर

चार भाई-बहनों में सबसे छोटी राधा के पिता छोटी सी दुकान चलाते हैं। छोटी सी दुकान से मुंबई जैसे महानगर में घर का खर्च निकाल पाना बेहद मुश्किल होता है। पढ़ाई-दवाई का खर्चा भी बमुश्किल निकल पाता है। ऊपर से बार-बार म्यूनिसिपल कार्पोरेशन की ओर से अतिक्रमण के नाम पर दुकानें हटाने की आशंका बनी रहती थी। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में राधा के पास किट तो दूर बैट खरीदने के पैसे नहीं थे। तब वह लकड़ी को बैट बनाकर अभ्यास करती थी। घर से तीन किमी दूर राजेंद्रनगर में मौजूद स्टेडियम तक पिता साइकिल से उसे छोड़ने जाते और फिर दूसरी ओर से राधा टेम्पो तो कभी पैदल ही घर आती थी। 

विज्ञापन
radha yadav success story of a woman cricketer who is hero of t-20 women world cup
राधा यादव। - फोटो : अमर उजाला।

घरेलू क्रिकेट खेलते हुए राधा को मात्र दस से पंद्रह हजार रुपये ही मिलते थे। हांलाकि बीसीसीआई के साथ कांट्रेक्ट साइन करने के बाद उन्हें दस लाख रुपये मिलना शुरू हुए। अब ये अमांउट करीब तीस लाख के करीब है। अपनी पहली कमाई से राधा ने अपने पिता के लिए दुकान खरीदी थी। अब राधा चाहती हैं कि वो एक घर खरीदे ताकि उसमें वे पूरे परिवार के साथ आराम से रह सकें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed