टोंक के सरकारी स्कूल में गुरु और शिष्य में अटूट प्रेम देखने को मिला। देवली ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चांदसिंह पूरा की शिक्षिका की विदाई पर पूरा स्कूल रो पड़ा। बच्चे भी अपनी प्रिय मैम के गले लगकर फूट-फूटकर रोए। इस दौरान शिक्षिका भी अपने आंसू रोक नहीं पाई।
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शिक्षिका को उपहार देते बच्चे
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देवली ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चांदसिंह पूरा की शिक्षिका गरिमा कंवरिया का चांदसिंहपुरा विद्यालय से बीकानेर तबादला हो गया। विद्यालय में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। छात्र- छात्राएं अपनी प्रिय मैम से बिछड़ने के कारण रोने लगे। बच्चों का प्यार और अपनत्व देखकर शिक्षिका गरिमा भी छात्राओं से लिपटकर रोने लगी। शिक्षिका गरिमा ने बताया कि वो पिछले चार साल से इसी विद्यालय में कार्यरत थी। वरिष्ठ अध्यापिका के रूप में प्रथम नियुक्ति इसी विद्यालय में हुई। भावुक होते हुए शिक्षिका ने कहा कि यहां के शिक्षक साथियों और विद्यार्थियों को में कभी भूल नही पाउंगी।
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शिक्षिका के साथ स्कूल के बच्चे
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स्कूल प्रिंसिपल ने की तारीफ
विद्यालय के प्रधानचार्य ने बताया कि टीचर गरिमा का परिणाम चारों वर्षो में शत-प्रतिशत रहा है। साथ ही शिक्षिका ने अपने कार्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं की। गरिमा अंग्रेजी विषय की अध्यापिका के पद पर कार्यरत थी और विद्यालय में अध्ययन करने वाले बच्चों से अत्यंत प्यार और लगाव रखती थी।
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शिक्षिका भी हुईं भावुक
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नम आंखों से दी विदाई
वहीं छात्राओं ने कहा कि हमारा सौभाग्य है, जो हमें गरिमा मैम जैसी शिक्षिका से पढ़े हैं । मैम का व्यवहार हमारे लिए अनुकरणीय है। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में बहुत से शिक्षक आते हैं और चले जाते हैं लेकिन बच्चों के दिलों में जगह हर कोई नहीं बना पाता। इसीलिए शुक्रवार को महिला शिक्षिका को विदाई कार्यक्रम के दौरान सभी बच्चों ने दुख व्यक्त करते हुए नम आंखों से शिक्षिका गरिमा को विदाई दी।