देखिए कितनी मुश्किल होती है 'ब्लैक कैट' कमांडोज की ट्रेनिंग
नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड्स (एनएसजी) जल्द ही वीवीआईपी की सुरक्षा में महिला कमांडोज की नियुक्ति करेगा। इसकी घोषणा डीजी रमेश चंद्र तायल ने एनएसजी के 31वें स्थापना दिवस के अवसर पर की।
देखिए कितनी मुश्किल होती है 'ब्लैक कैट' कमांडोज की ट्रेनिंग
उन्होंने बताया कि पुरुषों की तरह ही महिला कमांडोज को भी ट्रेनिंग दी जाती है इसलिए वह वीवीआईपी की सुरक्षा उतनी ही क्षमता से कर सकती हैं। आगे की तस्वीरो में देखिए आखिर कैसे होती हैं इन कमांडोज की ट्रेनिंग।
देखिए कितनी मुश्किल होती है 'ब्लैक कैट' कमांडोज की ट्रेनिंग
काली वर्दी और बिल्ली जैसी चपलता के चलते एनएसजी कमांडोज को 'ब्लैक कैट' भी कहा जाता है। हर किसी को ब्लैक कैट कमांडो बनने का मौका नहीं मिलता है। इसके लिए आर्मी, पैरा मिलिट्री या पुलिस में होना जरूरी है। आर्मी से 3 और पैरा मिलिट्री से 5 साल के लिए जवान कमांडो ट्रेनिंग के लिए आते हैं।
देखिए कितनी मुश्किल होती है 'ब्लैक कैट' कमांडोज की ट्रेनिंग
फिजिकल ट्रेनिंगठ: इसके लिए उम्र 35 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। सबसे पहले फिजिकल और मेंटल टेस्ट होता है। 12 सप्ताह तक चलने वाली ये देश की सबसे कठिन ट्रेनिंग होती है। शुरूआत में जवानों में 30-40 प्रतिशत फिटनेस योग्यता होती है, जो ट्रेनिंग खत्म होने तक 80-90 प्रतिशत तक हो जाती है।
देखिए कितनी मुश्किल होती है 'ब्लैक कैट' कमांडोज की ट्रेनिंग
जिग जैग रन- किसी भी मुश्किल को देखते ही फौरन रिएक्शन लिया जा सके, इसके लिए जिग जैग रन की ट्रेनिंग दी जाती है।