प्रद्युम्न हत्याकांडः 6 दिन में कैसे औंधे मुंह गिरी पुलिस की थ्योरी, 6 वजहें
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1. वारदात वाली रात प्रेसवार्ता में डीसीपी सिमरदीप सिंह ने कहा कि आरोपी बच्चे के साथ यौन शोषण करना चाहता था। जब वह फेल हुआ तो उसने बच्चे की हत्या कर दी, लेकिन मौका-ए-वारदात पर जब बच्चा गिरा हुआ था और जब क्राइम सीन पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंचे थे तो उस समय पुलिस ने खुद माना था कि बच्चे का पैंट और बेल्ट दोनों सही थे। पैंट खींचने को लेकर भी कोई निशान नहीं थे। वहीं, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे के कपड़े पर वीर्य के कोई निशान नहीं है। यौन शोषण का कोई भी मामला मोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं है।
2. पुलिस के मुताबिक आरोपी अशोक ने ही प्रद्युमन की हत्या की है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सात वर्षीय बच्चे को जब गला पकड़ा गया होगा तो वह चिल्लाया जरूर होगा। टॉयलेट के बगल वाले गलियारे में ही एक कक्षा है तो वहां तक आवाज कैसे नहीं पहुंची और कोई क्यों नहीं आया? वारदात के 5वें दिन सामने आए माली ने बोल दिया है कि घटनास्थल पर कंडक्टर अशोक मौजूद ही नहीं था तो वो कत्ल कैसे कर सकता है।
3. प्रद्युमन के हत्यारोपी अशोक के पास चाकू कैसे आया? जब उसकी हत्या की गई तो आरोपी के बदन पर भी खून के निशान लगे होंगे? वह कपड़े पुलिस अब तक क्यों बरामद नहीं कर सकी। जबकि खून के निशान दीवारों पर डेढ़ से ढाई मीटर ऊपर तक है। ऐसे में खून आरोपी के कपड़े पर लगना लाजिमी है, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस बात को लेकर कोई जवाब नहीं दिया।