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पुणे इंफोसिस महिला इंजीनियर के हत्याकांड में 6 सनसनीखेज खुलासे
Thu, 02 Feb 2017 10:40 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 02 Feb 2017 10:40 AM IST
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पुणे के इंफोसिस कैंपस में हुए इंजीनियर हत्याकांड की जैसे-जैसे परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे नए मोड़ सामने आ रहे हैं। गार्ड की क्रूरता के अलावा अब कुछ नए ऐसे खुलासे सामने आए हैं, जिनके बारे में जान कर जांच में जुटी पुलिस भी दंग रह गई।
दरअसल केरल के कोझिकोड़ की रहने वाली रासिला राजू की गार्ड ने कथित तौर पर कंप्यूटर केबल से गला घोंट कर हत्या कर दी थी। जानें इस वारदात से जुड़े कुछ अहम खुलासे...
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युवती के पिता ने कई आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक रासिला वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित की जा रही थी और इस वजह से उनकी बेटी अपना ट्रांसफर बेंगलूरू में करवाना चाहती थी। पिता ने कहा कि उनकी बेटी की हत्या के पीछे बड़ी साजिश रची गई है। उनका आरोप है कि उस रात नौवीं मंजिल में घुसने के लिए इलैक्ट्रानिक कोड की जरूरत होती है जो कि सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड्स के पास नहीं है। लेकिन गार्ड भाबेन सैकया फ्लोर में घुसा और उनकी बेटी का कत्ल करके फरार हो गया।
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मृत मिली रासिला राजू
पहला खुलासा मुंबई के ज्वाइंट कमिश्नर सुनील रामानंद ने किया। उन्होंने बताया कि कत्ल करने वाले गार्ड की कंपनी सिक्योरिटी फर्म टेरियर सिक्योरिटी सर्विस (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड का लाइंसेस काफी समय पहले ही खत्म हो गया था। इसके बावजूद इस कंपनी के गार्ड्स को इंफोसिस में तैनात किया गया था। इसके बाद से ही सवाल उठ रहा है कि इंफोसिस में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को ताक में क्यों रखा गया?
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के रासिला राजू
एक सच यह भी सामने आया कि कंपनी में महिला कर्मियों को नाइट में काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। खासतौर पर ऑफ के दिन उन्हें नाइट में बुलाया जाता है, जिस दौरान पूरा ऑफिस खाली हुआ करता है। इस बात की शिकायत भी की गई, लेकिन नौकरी का डर देकर उनसे यह सब करवाया जाता है। रात के सन्नाटे में काम कर चुकी एक महिला ने बताया कि अक्सर ऑफ के दिन नाइट में काम करने पर एक डर बना रहता था। क्योंकि ऑफिस में उस दौरान कोई भी मौजूद नहीं रहता था।
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एक महिला कर्मी ने बताया कि एक प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए उसे लेट नाइट शिफ्ट करने को कहा गया, लेकिन उसने मना कर दिया। इस वजह से उसे कंपनी की ओर से वॉर्निंग लेटर थमा दिया गया।महिला कर्मी ने बताया कि उसने एचआर को इस बारे में कई बार शिकायत की लेकिन एचआर उन्हें कंपनी की पॉलिसी का हवाला देकर नाइट शिफ्ट करने पर मजबूर किया करता था।
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