सावन के दूसरे सोमवार पर मध्यप्रदेश के शिवालयों में भक्तों का तांता लगा है। प्रदेश के दो ज्योतिर्लिंगों में सुबह से ही बड़ी संख्या में शिवभक्त महाकाल धाम और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन करने पहुंच रहे हैं। महाकाल मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार पर सुबह 3:30 बजे भस्म आरती की गई। बड़ी संख्या में शिवभक्त बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन करने पहुंचे। बाबा महाकाल का विधि-विधान के साथ दूध, दही, शहद, घी और जल से अभिषेक किया गया। उसके बाद मनमोहक श्रृंगार किया गया, साथ ही भस्म रमाई गई।
2 of 3
बाबा महाकाल का किया गया दिव्य श्रृंगार।
- फोटो : सोशल मीडिया
भस्म आरती में उमड़ी भक्तों की भीड़
सावन के चलते महाकाल धाम में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बाबा महाकाल खुद भक्तों को दर्शन देने के लिए आम दिनों की तुलना में डेढ़ घंटे पहले जाग रहे हैं। सावन के महीने में हर श्रद्धालु को बाबा महाकाल के दर्शन सरलता से हो सके, इसलिए मंदिर ढाई बजे रात से ही खुल जा रहा है। सावन सोमवार पर मंदिर 18 घंटे के लिए खोला जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंच रहे हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने चाक चौबंध व्यवस्था कर रखी है। दिन भर बड़ी संख्या में कांवड़िएं और शिवभक्त बाबा महाकाल का जलभिषेक करने भी पहुंच रहे हैं।
3 of 3
ओंकारेश्वर में किया गया शिवलिंग का विशेष श्रृंगार।
- फोटो : सोशल मीडिया
ओंकारेश्वर धाम में लगा भक्तों का तांता
12 ज्योतिर्लिंगो में से चौथे नंबर के ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर धाम में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर और ममलेश्वर धाम में महादेव के दर्शन और पूजा-अर्चना करने पहुंच रहे हैं। बारी बारिश के चलते ओंकारेश्वर बांध के गेट खोले गए हैं। नर्मदा नदी उफान पर होने के कारण श्रद्धालु नदी में स्नान और नौकाविहार नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन नर्मदा जल से ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग का जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं।