मध्य प्रदेश में बीते दिनों धार जिले के कारम बांध के क्षतिग्रस्त होने से बने संकट को तो जैसे तैसे टाल दिया गया। पर शिवपुरी इलाके में लगातार बारिश के बाद एक तालाब को टूटने से नहीं बचाया जा सका। 2017 में 17 करोड़ रुपये की लागत से बना यह तालाब पानी के दबाव को नहीं झेल पाया। तालाब टूटने से आसपास के गांवों-खेतों में पानी भर गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
2 of 3
2017 में 17 करोड़ रुपये की लागत से बना यह तालाब पानी के दबाव को नहीं झेल पाया।
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि शिवपुरी जिले की बदरवास तहसील के ग्राम बड़ोखरा में तालाब टूटने की घटना हुई है। शिवपुरी में पिछले कुछ दिनों से हो रही तेज बारिश के बाद में तालाब पानी के तेज बहाव को सह नहीं पाया और पूरी तरह से टूट गया। तालाब का पानी र आसपास के गांव और खेतों में भर गया, जिसके चलते किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
3 of 3
ग्राम बड़ोखरा में तालाब टूटने की घटना हुई है।
- फोटो : सोशल मीडिया
ग्रामीणों ने बताया कि तालाब टूटने से पानी घरों-खेतों में भर गया है। उन्होंने तालाब निर्माण करने वाले ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार करने के आरोप भी लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि चार साल में ही तालाब बह गया है। इससे साबित होता है कि निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार हुआ है। बता दें कि तालाब का भूमिपूजन 2017 में प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया था।