इमारत में आग लगने से जिन सात लोगों की मौत हुई उनमें एक ऐसे दंपति भी शामिल हैं जिनके खुद के मकान का उद्घाटन होने वाला था। मकान बन रहा था इस कारण वे इस इमारत में कुछ माह के लिए किराए से रहने आए थे, लेकिन काल की क्रूर दृष्टि ने इस दंपति की आंखें सदा के लिए बंद कर दी।
दरअसल स्वर्णबाग कॉलोनी स्थित इमारत में लगी आग में ईश्वर सिसौदिया और उनकी पत्नी नीतू सिसौदिया की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों आग की लपटों में इस कदर घिरे की बच नहीं सके और तड़प-तड़प कर जान निकल गई। पता चला है कि ईश्वर सिसौदिया का खुद का मकान बन रहा है। कुछ माह पहले उनके मकान का निर्माण शुरू हुआ था इस कारण अस्थायी रूप से किराए का घर तलाशा। उन्हें यह बिल्डिंग ठीक लगी क्योंकि यहां से उनका नया मकान पास था। इस कारण दो माह पहले पति-पत्नी यहां किराए से रहने आ गए। पति-पत्नी अपने नए बनने वाले मकान को रोज देखते और सपने सजाते कि जल्द ही उनका खुद का मकान होगा मगर शुक्रवार रात को आग ने उनके सपने जला दिए और दंपति की दर्दनाक मौत हो गई। ईश्वर निजी कंपनी में सुपरवाइजर था।
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यह है वह बिल्डिंग जिसमें लगी थी आग
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मौत की खबर सुन बदहवास हुए परिजन
इसी तरह शेयर मार्केट कारोबारी की भी मौत हो गई। मृतकों में शामिल आशीष पिता विनोद राठौर (30) मूल रूप से झांसी निवासी था। वह इंदौर में कुछ साल पहले आया था और शेयर मार्केट का काम करता था। एलआईजी चौराहे के पास उसका ऑफिस था, इस कारण वह आसपास ही मकान ढूंढ रहा था। स्वर्णबाग कॉलोनी की इमारत उसे ठीक लगी तो उसने यहीं पर फ्लैट ले लिया। कहा जा रहा है कि दो दिन पहले ही वह इस फ्लैट में शिफ्ट हुआ था। शुक्रवार को लगी आग में उसकी दर्दनाक मौत हो गई। उसका छोटा भाई वासु भी इंदौर रहकर पढ़ाई कर रहा है। परिजनों को जब मौत की सूचना मिली तो वे बदहवास हो गए। मृतक की प्रेमिका भी एमवाय अस्पताल पहुंची और प्रेमी का शव देखकर फूट-फूटकर रोई।
कुछ को उतारा रस्सी के सहारे
आग लगने के कारण इमारत में लाखों का नुकसान हुआ है। ग्राउंड फ्लोर की पार्किंग में रखी करीब 15 टू व्हीलर और एक फोर व्हीलर चपेट में आई। इन्हीं में आग लगने के कारण धुआं फैला था। पड़ोस में रहने वाले करण सेंगर के मुताबिक देर रात करीब तीन बजे आग लगी थी। चीख सुनकर दूसरे लोग बाहर आए। पानी की मोटरें लगाकर आग बुझाने की कोशिश की। कुछ लोगों को रस्सी की मदद से नीचे उतारा। लोगों का कहना है कि इंसार पटेल नामक व्यक्ति ने यह बिल्डिंग बनाई थी। इसमें छोटे-छोटे 10 फ्लैट हैं। सात किराए से दिए थे और तीन खाली थे। नीचे दवाखाना है और शेष क्षेत्र में पार्किंग है। घटना के पहले रात में बिजली चली गई थी। बिजली वापस आई तो शॉर्ट सर्किट से पार्किंग में आग लग गई।
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हादसे में मृत आकांक्षा
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इमारत में रहने वाली आकांक्षा की भी हादसे में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले आकांक्षा का जन्मदिन था। आकांक्षा देवास निवासी बताई जा रही है।
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हादसे में घायल विनोद अस्पताल में भर्ती है
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इमारत में आग लगने की घटना में घायल विनोद इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती है। विनोद ने बताया कि मेरा भाई भी यहीं रहता है, लेकिन आग की घटना के बाद से वो लापता है। हमने भागने की कोशिश की, लेकिन आग से घिर गए। मेरे बदन पर एक कपड़ा तक नहीं बचा था। मेरी बाइक, मोबाइल, रुपये और पूरा सामान जल गया।