मध्य प्रदेश में सरकार जल्द ही आदेश निकालने जा रही है कि मध्यप्रदेश की धरती पर सभी नाम हिंदी में लिखे जाएंगे। साथ ही महापुरुषों का पूरा नाम बोलने जाने का प्रावधान किया जाएगा। दरअसल महापुरुषों का नाम शॉर्ट किए जाने से सीएम नाराज दिखे।
बता दें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को ग्वालियर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रांत अधिवेशन में शामिल हुए थे। यहां संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कई जगह, कई संस्थानों के नाम महापुरुषों के नाम पर रखे गए हैं, लेकिन उसे शॉर्टकट में बुलाया जाने लगा है। उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि भोपाल में तात्याटोपे नगर को लोग टीटी नगर कहने लगे हैं। महारानी लक्ष्मीबाई एमएलबी हो गईं।
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ग्वालियर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 55वां प्रांत अधिवेशन चल रहा है
- फोटो : सोशल मीडिया
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम से ऐलान किया है कि मध्य प्रदेश में प्रदेश में हिंदी को सबसे अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि सरकार की तरफ से यह आदेश निकलेगा मध्यप्रदेश की धरती पर सभी नाम हिंदी में लिखे जाएंगे। सीएम ने कहा कि हम अपनी मातृभाषा को पूरे विश्व भर में प्रचलित करेंगे। इसके लिए मध्यप्रदेश से शुरुआत हो चुकी है।
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कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
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सभी सिक्योरिटी को किया बाहर
गौरतलब है कि ग्वालियर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 55वां प्रांत अधिवेशन चल रहा है और इस अधिवेशन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए। शिवराज ने भोपाल के हबीबगंज थाना स्टेशन का नाम बदलने का भी एलान किया, उन्होंने कहा कि जल्द हबीबगंज स्टेशन का नाम भी बदला जाएगा। सीएम शिवराज सिंह चौहान इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए तो उन्होंने अपनी सभी सिक्योरिटी और पुलिस बल से कार्यक्रम से बाहर रहने का आदेश कर दिया और सभी को कार्यक्रम से बाहर भगा दिया।