मध्य प्रदेश के छतरपुर में बिजली विभाग के उपकेंद्र में मोबाइल पर बात करते समय करंट लगने से ड्राइवर की मौत हो गई। परिजनों ने छतरपुर में बिजली विभाग के दफ्तर के सामने नेशनल हाइवे पर लाश रखकर जाम लगा दिया। मृतक के बच्चे भी इस प्रदर्शन में शामिल थे। एक घंटे जाम की स्थिति रही। सीएसपी और एसडीएम ने आकर मामले की जांच और मुआवजे का आश्वासन दिया, तब जाकर जाम खुलवाया जा सका।
मामला छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम दरगुवा में बिजली विभाग के उपकेंद्र का है। इस उपकेंद्र के पैनल रिले खराब हो गए थे। इसे ठीक करने सोमवार शाम 5 बजे छतरपुर से बिजली विभाग की एसटीएम टीम गई थी, जिसमें पिकअप ड्राइवर धर्मेंद्र खरे भी शामिल था। धर्मेंद्र छतरपुर के वार्ड नंबर 40 के शिव कॉलोनी का रहने वाला है। जब एसटीएम टीम पैनल रिले ठीक कर रही थी, तब धर्मेंद्र खरे मोबाइल पर बात करते हुए स्टेशन में चला गया। वहां ट्रांसफॉर्मर के पास लटकते हुए तार नहीं देख सका और उसकी चपेट में आ गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गी। पुलिस ने मर्ग कायम किया और जांच शुरू कर दी।
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छतरपुर में शव को सड़क पर रखकर ट्रैफिक जाम किया गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
नौकरी और मुआवजे की मांग
मृतक ड्राइवर धर्मेंद्र खरे के परिजनों और पड़ोसियों ने लाश को एमपीईबी दफ्तर के सामने रखकर जाम लगा दिया। उनकी मांग थी कि धर्मेंद्र खरे की पत्नी और दो बच्चे अब बेसहारा हो गए हैं। उसकी पत्नी को विभाग में नौकरी दी जाए। साथ ही बच्चों की परवरिश के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही अंतिम संस्कार के लिए तत्काल आर्थिक मदद दी जाए।
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छतरपुर में सड़क पर चक्काजाम करते प्रदर्शनकारी।
- फोटो : सोशल मीडिया
50 हजार रुपये की राशि मुहैया कराई
ट्रैफिक जाम की सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बात की। विभागीय नियमों के मुताबिक हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया। तत्काल 50 हजार रुपये की राशि मुहैया कराने का भरोसा भी दिलाया। तब जाकर ट्रैफिक जाम खत्म हुआ और आवागमन शुरू हो सका।
प्राइवेट गाड़ी का ड्राइवर था
बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता आरए मिश्रा का कहना है कि धर्मेंद्र खरे सरकारी कर्मचारी नहीं था। वह प्राइवेट तौर पर विभाग में लगी एक प्राइवेट गाड़ी में ड्राइवर था। इसके बाद भी विभागीय नियमों के तहत जो भी हो सकेगा, वह मदद की जाएगी। सभी कर्मचारी-अधिकारी मिलकर अपनी तरफ से तात्कालिक मदद भी देंगे।