आजकल की दिनचर्या में हर इंसान कंप्यूटर और मोबाइल पर काम कर रहा है। जिसकी वजह से जीवनशैली में बदलाव और कई सारी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। जिसमें कमर और गर्दन का दर्द भी शामिल है। अगर आपके आसपास भी कोई इस समस्या से जूझ रहा है तो उसे योग के इन आसनों का सहारा लेने को कहें। ये योगासन कमर और गर्दन दर्द की समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद करेंगे।
शलभासन करने की विधि
शलभासन को करने के लिये जमीन पर चटाई बिछाकर उस पर पेट के बल लेट जाएं। फिर दोनों पैरों को सीधा रखें और हाथों को कमर के पास व सीधा रखें। हथेली ऊपर की ओर रखें। अब गहरी सांस लेते हुए अपने दांये पैर को ऊपर दीवार की ओर उठाएं। इस दौरान घुटनों को मोड़े नहीं और सांस लेते रहें। अब दांये पैर को नीचे रखें। इसी प्रक्रिया को अपने बांये पैर के साथ दोहराएं। इस प्रकिया को करते समय हाथों को स्थिर रखें। अब सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। घुटनों को मोड़े नहीं। हाथों को कमर के बराबर में सीधा रखें और सांस लेते रहें। अब सिर को ऊपर की उठाएं। पैरों को नीचे ले आएं और आराम की अवस्था में आ जाएं। इस आसन का अभ्यास दो से चार मिनट के लिये करें।
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योगा
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शलभासन करने के लाभ
शलभासन को नियमित रूप से करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है। जिससे आपको हर स्थिति में काम करने की क्षमता बढ़ती है। इसके साथ ही कमर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और कमर के दर्द से आराम मिलता है। योग की यह क्रिया गर्दन, कंधा और हाथों की नसों को आराम दिलाता है।
पाचन क्रिया को भी सुधारता है
शलभासन करने से पाचन क्रिया भी दुरुस्त होती है और पेट के आसपास जमा फैट कम होने लगता है। इसके साथ ही यह शरीर के पोस्चर को भी सही करता है।