भारतीयों की आस्था मंदिरों से इस प्रकार जुड़ी है कि हर चौराहे पर यहां कोई छोटा-बड़ा मंदिर दिख ही जाता है। अधिकतर लोग यात्रा के लिए भी मंदिर जाते हैं। जिन लोगों की मंदिरों से आस्था जुड़ी होती है, उन्हें यहां आकर बेहद सुकून मिलता है। भारत में कई सारे प्राचीन एवं एक से बढ़कर एक मंदिर हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि मंदिर सिर्फ भारत में ही हैं। भारत के अलावा भी विदेशों में कई सारे मंदिर ऐसे हैं जिन्हें देखकर श्रद्धालुओं की आंखेंं खुली की खुली रह जाती है। इन मंदिरों के चमत्कार एवं वास्तुकला के चर्चे समूचे विश्व में प्रसिद्ध है। अगली स्लाइड्स से जानिए विदेशों में स्थित विशाल एवं विख्यात मंदिरों के बारे में।
विदेशों में स्थित इन 5 मंदिरों को देख हर कोई रह जाता है अचंभित, बांग्लादेश में है चमत्कारिक शक्तिपीठ
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अक्षरधाम मंदिर
अक्षरधाम मंदिर के चर्चे तो संपूर्ण विश्व में है। संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यू जर्सी में स्थित अक्षरधाम मंदिर परिसर क़रीब 160 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके निर्माण में प्रयुक्त पत्थरों यूरोप से आयातित किए गए थे जिन्हें राजस्थान में हाथों से तराशकर तैयार किया गया था। इस चार मंज़िला मंदिर में भारतीय धरोहर, इतिहास और संस्कृति की प्रदर्शनी लगाई गई है।
दत्तात्रेय मंदिर
त्रिनिदाद और टोबैगो स्थित दत्तात्रेय मंदिर द्रविड़ शैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यहां स्थित प्रभु हनुमान की 85 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है। मंदिर के साथ ही यहां एक योग केंद्र भी चलाया जाता है। योग केंद्र की स्थापना 1986 में तथा मंदिर का निर्माण 2003 में पूरा हुआ। त्रिनिदाद और टोबैगो में सनातन संस्कृति का संरक्षण बखूबी किया जा रहा है।
ढाकेश्वरी मंदिर
52 शक्तिपीठों में से एक यह मंदिर आज बांग्लादेश में है। प्रचलित मतानुसार 12 वीं शताब्दी में सेन राजा बल्लाल सेन ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। यहां देवी सती के आभूषण गिरे थे। ढाकेश्वरी देवी के नाम पर ही बांग्लादेश की राजधानी का नाम ढाका हुआ। मंदिर की गिनती चमत्कारी शक्तिपीठों में होती है। बांग्लादेश में यह मंदिर हिंदुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
अंकोरवाट
कंबोडिया स्थित 400 एकड़ में फैला यह विष्णु मंदिर विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है। इसका निर्माण खमेर साम्राज्य के राजा सूर्यवर्मा द्वितीय ने (1049-66 ई.) करवाया था। आज यह एक विश्व विरासत स्थल है। कंबाेडिया के राष्ट्रीय ध्वज में अंकोरवाट को स्थान दिया गया है। मंदिर की बनावट अद्भुत है। भारत से भी पर्यटक इस मंदिर को देखने जाया करते हैं।