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बॉस से नजदीकी के फायदे कम, मुश्किलें ज्यादा!

Sat, 21 Jan 2017 03:21 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Sat, 21 Jan 2017 03:21 PM IST
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बॉस से संबंध

अपने बॉस के साथ अच्छे रिश्ते न होना आपके लिए कई तरह की दिक्कतें पैदा कर सकता है लेकिन आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि बॉस के साथ नजदीकी भी आपको कई तरह की मुश्किलों में डाल सकती है। अमरीका की सैन डिएगो यूनिवर्सिटी के जेरेमी बर्नर्थ कहते हैं कि बॉस से करीबी ताल्लुक आपके ऊपर कई तरह के दबाव डालता है। खास तौर से अगर आप पहले दोस्त रहे हों और फिर आपका दोस्त आपका बॉस बन जाए। इससे तनाव बढ़ता है। लोग अक्सर दफ्तर से गायब रहने लगते हैं और उनके काम पर बुरा असर पड़ता है।

बॉस से नजदीकी के फायदे कम, मुश्किलें ज्यादा!

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बॉस से संबंध

बॉस से नजदीकी थोड़े वक्त के लिए तो बहुत अच्छी होती है लेकिन लंबे वक्त तक अगर आप बॉस के करीबी रहते हैं तो इससे थकान और निराशा होने लगती है। ऐसा तब और होता है जब बॉस से नजदीकी की वजह से आप अपनी जरूरतों और अपने सिद्धांतों से समझौते करने लगते हैं क्योंकि आपके बॉस को लगता है कि बुरा हो या अच्छा हर फैसले में आपको उसके साथ होना चाहिए। ऐसा सभी नजदीकी रिश्तों में होता है। फिर चाहे घर का हो या दफ्तर का न्यूयॉर्क के मनोवैज्ञानिक विंसेंट पासारेली कहते हैं कि घरेलू ताल्लुक और दफ्तर के संबंधों में कोई खास फर्क नहीं होता। विसेंट कहते हैं कि हम अक्सर दफ्तर में भी ऐसे साथी तलाशते हैं जिनके साथ घर जैसा माहौल महसूस हो। अपनी जिंदगी के तमाम तजुर्बों की बिनाह पर ही हम दफ्तर में साथी बनाते हैं।

बॉस से नजदीकी के फायदे कम, मुश्किलें ज्यादा!

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बॉस से संबंध

दफ्तर में बॉस से नजदीकी के कई फायदे होते हैं मगर इससे रिश्ते का दबाव आपके ऊपर बढ़ भी जाता है। कहने को तो दूर रहने वालों से आपके रिश्ते तनाव भरे होते हैं। मगर नजदीकी ताल्लुक भी कई बार आपको तनाव देते हैं। जब हम किसी के करीब होते हैं तो हम चीजों को नए नजरिए से देखते हैं। मतभेदों को हम इनकार समझने लगते हैं। किसी के बर्ताव से निराशा को हम धोखा समझने लगते हैं। अगर आप ऐसी कंपनी में काम करते हैं जहां निजी और कारोबारी रिश्ते साथ-साथ चलते हैं, तो दोस्त से मुलाजिम बनना बेहद मुश्किल होता है। इससे तनाव और बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आपका बॉस आपका दोस्त है और वो आपको डांटता है तो आपको लगता है कि बॉस नहीं, आपका दोस्त आपको जलील कर रहा है।

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बॉस से नजदीकी के फायदे कम, मुश्किलें ज्यादा!

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जैसा कि मियां-बीवा या फिर दो करीबी दोस्तों के बीच होता है, रिश्तों में गर्माहट या ठंडापन आपको अलग-थलग होने का एहसास देता है। जिससे आप रोज मिलते थे, बिंदास बातें करते थे। अचानक ही वो आपको बहुत दूर खड़ा मालूम होता है। अचानक ही आपको लगता है कि आप उससे मिल ही नहीं सकते। फिर से अच्छा वक्त साथ नहीं गुजार सकते। आपको लगता है कि दोस्त ने आपके साथ दगा किया है। आपका साथ छोड़ दिया है।

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बॉस से संबंध

किसी बॉस से दोस्ती होना आसान होता है। मगर किसी दोस्त का बॉस बनना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। वजह ये कि आपका दोस्त, बॉस के तौर पर आपसे उम्मीदें पाल लेता है। उसे लगता है कि आपको हर इशारा समझना चाहिए। उसकी हर बात पर हामी भरनी चाहिए। ऐसे में बेहतर ये होता है कि बॉस से दोस्ती का रिश्ता खत्म कर देना चाहिए। आपको उसे सिर्फ बॉस के तौर पर देखना चाहिए। आपको अपनी हदें खुद तय करनी होती हैं। 

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