इन 5 बातों से 'मलाला यूसुफजई' बनीं स्टार, हौसला देख हो जाएंगे कायल
भावनाओं को व्यक्त करें
मलाला अपनी भावनाओं को हमेशा लिखकर व्यक्त करती हैं। डायरी लिखने की शौकीन मलाला बचपन में एक बार तालिबान के खिलाफ भी खड़ी हो गई थी। उन्होंने टीवी देखने पर रोक के चलते लिखा था कि वो अपना पसंदीदा भारतीय सीरियल राजा की आएगी बारात नहीं देख पाती थी। मलाला की ही तरह हर व्यक्ति को अपनी भावनाओं को कभी दबाकर नहीं रखना चाहिए।
मोटिवेट
मलाला का जीवन बताता है कि लाइफ को हमेशा मोटिवेट होकर देखना चाहिए। मलाला ने बाल अधिकारों के लिए काफी काम किया है। जिसके लिए उन्हें भारत के कैलाश सत्यार्थी के साथ पुरस्कार भी दिया गया था। इतना ही नहीं मलाला को लड़कियों की शिक्षा की पैरोकारी करने पर पाकिस्तान का पहला नेशनल यूथ पीस प्राइज भी दिया गया।
बहादुरी के साथ जीवन जीना
मलाला ने अपना पूरा जीवन बिना डरे बेहद बहादुरी के साथ जिया है। अगर कोई व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ना चाहता है तो उसे भी जीवन की कठनाईयों का बहादुरी से ही सामना करना चाहिए।
जमीन से जुड़ी मलाला
इतनी फेमस होने के बाद भी मलाला ने कभी किसी तरह का कोई घंमड नहीं किया। वो पहली की ही तरह आज भी लोगों के वेलफेयर के लिए काम करती रहती है। आपको मलाला के स गुण से यही सिखना चाहिए कि अगर ङम तरक्की के शिखर पर पहुंच गए हैं तो हमें उसका घमंड नहीं करना चाहिए।