कोरोना काल में लोगों का घर से बाहर निकलना और अपने करीबियों व दोस्तों से मिलना लगभग बंद हो गया। संक्रमण से बचाव के लिए लोग अपने घरों में बंद हो गए। ऐसे में कई युवा, जो रोजाना अपने दोस्तों से मिलते थे, या ऑफिस के कर्मचारी जो आम दिनों में 8 से 9 घंटे एक दूसरे के साथ बिताते थे, महीनों एक दूसरे से नहीं मिल सके। ये पहली बार हुआ कि लोग दूसरे लोगों के संपर्क में नहीं आए। यहां तक की परिवार के ही लोग जो दूसरे शहर में काम या पढ़ाई की वजह से घर से दूर थे, वह अपने माता पिता या परिवार के अन्य सदस्यों से मिलने के लिए तरस गए। गर्लफ्रेंड -बाॅयफ्रेंड भी एक दूसरे को नहीं देख सके। इन सब के बावजूद लोगों का रिश्ता और मजबूत हुआ। घरों में कैद लोग, जो अपने दोस्त, परिवार, रिश्तेदार से नहीं मिल सकते थे, ने एक दूसरे के संपर्क में रहने के लिए कई अलग अलग तरीके अपनाएं। चलिए जानते हैं कि कोरोना काल में लोग एक दूसरे के संपर्क में कैसे रहे।
Year Ender 2021: कोरोना के कारण एक-दूसरे से नहीं मिल पाए लोग, करीब आने के लिए अपनाए ये उपाय
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मीटिंग ऐप्स
कोरोना काल में सबसे ज्यादा मीटिंग ऐप का इस्तेमाल किया गया। ऑफिस का काम वर्क फ्रॉम होम में तब्दील हो गया। ऐसे में रोजाना ऑफिस के काम के लिए, किसी तरह के इवेंट, प्रेस कांफ्रेंस आदि के लिए जूम मीटिंग, गूगल मीट, जियो मीट आदि का ट्रेंड आ गया।
वीडियो कॉल
लोग महीनों एक दूसरे से मिल न सके लेकिन एकदूसरे को रोज ही देख पाते थे। इसमें उनकी मदद की वीडियो कॉलिंग ने। वीडियो कॉलिंग के जरिए लोग एक दूसरे के ओर करीब आए। अपने पार्टनर के साथ वीडियो कॉल हो या परिवार व दोस्तों के साथ ग्रुप वीडियो कॉल हो, सभी एक दूसरे को देखते और खूब बाते करते। घर से दूर बेटे या बेटियां अपनी मां से वीडियो कॉल के जरिए खाना बनाना सीखते, तो ऐसा लगता कि वह एक दूसरे से दूर है ही नहीं।
फोन काॅल
कोरोना काल में जब लोग अपने करीबियों से नहीं मिल सकते थे, तो उन्होंने कॉलिंग के जरिए एक दूसरे से संपर्क साधा। आम दिनों में कामकाज के कारण वह अपने दोस्तों व रिश्तेदारों से इतनी बात नहीं कर पाते थे, जितनी उन्होंने कोरोना काल में फोन कॉल के जरिए की। अधिकतर घर से दूर रह रहे बच्चों ने अपने माता पिता, भाई बहनों से ज्यादा बातें करना शुरू कर दिया। इसके अलावा स्कूल कॉलेज या बचपन के दोस्त, जिनसे वह साल में दो तीन बार ही बात करते होंगे, उनसे भी दोबारा संपर्क हुआ।
ऑनलाइन चैटिंग
फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य चैटिंग ऐप के जरिए लोग पूरा पूरा दिन एक दूसरे से बात कर पाते थे। लोग आनलाइन चैटिंग करते, एक दूसरे को अपनी तस्वीरें और वीडियो भेज कर ये बताते कि वह कब क्या कर रहे हैं।