फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

New Year 2020: नए साल में बच्चों को ले जाएं दादा-दादी के पास, हर अभिभावक ये संकल्प लें

Wed, 01 Jan 2020 09:51 AM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Wed, 01 Jan 2020 09:51 AM IST
विज्ञापन
this new year 2020 taught your child how to respect elderly people tell importance of grandparents
grandparents - फोटो : social media

नए साल में बच्चों को दादा-दादी के पास जरूर ले जाएं। बुजुर्ग ही बच्चों को संस्कृति और परंपरा से जोड़ते हैं। आपको इस बात का पता होना चाहिए कि छोटे बच्चों के लिए दादा-दादी बेहद जरूरी होते हैं। बच्चों की परवरिश और उनको आगे बढ़ाने में दादा-दादी मददगार होते हैं। केवल दादा-दादी ही होते हैं जो बच्चों को परंपरा और मान्यताओं से जोड़ सकते हैं। दादा-दादी अपने बच्चों में अच्छी आदतों के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। बच्चे उन्ही के द्वारा ही नैतिक गुणों को जानते हैं और यह भी समझते हैं कि नैतिक गुणों की जिंदगी में कितनी अहमियत होती है। 


 

this new year 2020 taught your child how to respect elderly people tell importance of grandparents
grandparents - फोटो : social media

जो बच्चे अपने दादा-दादी के साथ रहते हैं, वे अपने पूरे परिवार के सदस्यों को जान जाते हैं। अपनी जड़ों के बारे में जानते हैं। दादा-दादी बच्चों को अपने सघंर्ष के बारे में बताते हैं  जिससे बच्चों में हर मुसीबत से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। 
 

this new year 2020 taught your child how to respect elderly people tell importance of grandparents
grandparents - फोटो : social media

हर मां-बाप की एक इच्छा होती है कि उनके बच्चे में नैतिक गुण जरूर हो। यह नैतिक गुण ही जीवन को जीने का तरीका बदल देती है। दादा-दादी कहानियों और किस्सों के जरिए बच्चों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाते हैं। हर बच्चा बड़े बुर्जुगों से कुछ न कुछ जरूर सिखता है। 


 

विज्ञापन
विज्ञापन
this new year 2020 taught your child how to respect elderly people tell importance of grandparents
grandparents - फोटो : social media
दादा-दादी बच्चों से इतना प्यार करते हैं कि उन्हें कभी प्यार की कमी महसूस ही नहीं होने देते। दादा-दादी के पास रहने वाले बच्चे भावनात्मक रूप से ज्यादा मजबूत होते हैं। जब कभी बच्चों के सामने भावनात्मक या व्यवहार संबंधी परेशानियां खड़ी होती हैं तो इस स्थिति में दादा-दादी ही हैं जो इसे बेहतर तरीके से समस्या से निपटते हैं। इसलिए अगर आपके बच्चे दादा-दादी से दूर रहते हैं तो नए साल पर संकल्प लें कि आप अपने बच्चों को वक्त-वक्त पर दादा-दादी के पास जरूर ले जाएंगे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed