विवाह के बाद बच्चा प्लान करने जा रहे हैं तो जल्दबाजी दिखाने के बजाय कुछ बातों पर एकबार जरूर विचार करें ताकि आगे चलकर भविष्य में खुशी-खुशी आप हंसता- खेलता भविष्य तैयार करें। कई बार विवाह होते ही घर में परिवार वाले दबाव बनाने लगते हैं लेकिन किसी अन्य की बातों पर ध्यान देने की बजाय बहुत जरूरी है कि आप और आपके पार्टनर मिलकर चंद बिंदुओं पर विचार अवश्य करें ताकि आगे चलकर आप लड़ाई, चिढ़चिढ़ की बजाय सुखद भविष्य की तैयारी करें। अगली स्लाइड्स से जानिए कि किन बातों पर विचार करने के बाद ही आपको पहले बच्चे की प्लानिंग करना चाहिए।
पहला बच्चा प्लान करने से पहले इन बातों पर करें विचार, भविष्य में नहीं होना पड़ेगा परेशान
आर्थिक स्थिरता
घर में जब नया मेहमान आएगा तो खर्चा भी बढ़ेगा इसलिए बहुत जरूरी है कि आप अपनी आर्थिक स्थिति पर एक बार विचार- विमर्श कर लें। यदि आप आर्थिक रूप से इतने सक्षम हैं कि एक इंसान का खर्च उठा सकते हैं तो जरूर आप पहले बच्चे को दुनिया में लाने के बारे में सोच सकते हैं लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो आपको थोड़ा समय लेना और स्वयं को आर्थिक रूप से स्थिर करने के बाद ही कोई निर्णय लेना होगा।
नौकरी
यदि आप नौकरी में किसी प्रमोशन की ओर बढ़ रहे हैं तो ऐसे में आपको इस विषय में सोचना होगा क्योंकि इस वक्त आप ब्रेक नहीं ले सकेंगे और यदि आपने ब्रेक लिया तो शायद इसका प्रभाव आपके भविष्य पर पढ़े इसलिए अपने काम की योजनाओं और भविष्य को एकबार तय कर लीजिए और पूर्ण रूप से यदि आप तैयार हैं तो फिर नन्हें मेहमान के स्वागत की तैयारी कीजिए।
शारीरिक क्षमता
यदि आप पहली बार शिशु को दुनिया में लाने जा रहे हैं तो अपनी शारीरिक क्षमता पर ध्यान दें। देखें कि क्या आप तैयार है या नहीं। यदि आपका वजन बहुत कम है या बहुत अधिक है, तो आपके लिए समस्या है इसलिए इस विषय में चिकित्सक से परामर्श ले लें। सिर्फ अपनी इच्छा या घर वालों के दबाव में आकर ऐसा कोई निर्णय न लें। पहले खुद की सेहत पर ध्यान दें, फिर ही आगे कोई कदम उठाएं।
पहले शिशु की योजना बनाते वक्त इस बात को भी तवज्जो दें कि विवाह के कितने साल बाद आप बच्चे को दुनिया दिखाने की योजना बना रहे हैं। विवाह के बाद बहुत अधिक जल्दबाजी भी न दिखाएं। अपने विवेक से काम लेते हुए पहले थोड़ा समय एक-दूसरे के साथ बांट लें, मानसिक और भावात्मक रूप से दोनों एकदूजे को तैयार करें और फिर ही शिशु का स्वागत करें।