शादी के बाद एक लड़की अपने माता पिता का घर छोड़कर अपने ससुराल आ जाती है। यहां वह नए रिश्तों में जुड़ती है। लड़की का रिश्ता सिर्फ उसके पति से नहीं जुड़ता बल्कि पति के मां-बाप से भी जुड़ता है। पत्नी बनने के साथ ही एक महिला बहू भी बन जाती है। लड़की को अपने सास ससुर के साथ भी उसी तरह का रिश्ता निभाना होता है, जैसा की मां-बाप के साथ रहता है। हालांकि हमारे समाज में सास बहू का रिश्ते में होने वाली खटपट मशहूर है। पुराने समय में अधिकतर सास और बहू के बीच प्यार से ज्यादा लड़ाई झगड़े, बहस होती रहती थी लेकिन अब सास और बहू का रिश्ता वैसा नहीं रह गया है। इन दिनों ज्यादातर सास बहू के बीच अंडरस्टैंडिंग और मिठास देखने को मिलती है। अगर आप भी सास और बहू वाला मधुर और मजबूत रिश्ता चाहती हैं तो पहले ये पता कर लें आखिर सास बहू के बीच किस बात पर खटपट होती है और इन नोकझोंक से बचने के लिए क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं।
In Laws Relationship: सास-बहू के रिश्ते में आएगी मिठास, इन बातों का रखें ध्यान
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सास-बहू में खटपट की वजह
शादी के बाद लड़की का जीवन बदल जाता है। उसके लिए ससुराल एकदम नया माहौल होता है। सास अपनी बहू को ससुराल से जुड़े तौर तरीके बताती है। सास चाहती है कि बहू खुद को उनके परिवार के रंग ढंग में ढाल लें तो वहीं बहू को ऐसा लगता है कि सास उनकी लाइफस्टाइल में बदलाव लाना चाहती हैं। इसी कारण दोनों के बीच क्लेश होने लगता है। बहू को मायके की याद सताने लगती है। उसे महसूस होता है कि ससुराल उसका घर नहीं और न ही सास मां हैं। कई बार तो वह जल्दी जल्दी मायके जाने की भी जिद करने लगती है। वहीं सास को बहू का बार बार मायके जाना और ससुराल की जिम्मेदारी से बचना अच्छा नहीं लगता। ये सास-बहू के बीच तनाव की वजह बनता है।
सास-बहू का रिश्ता मजबूत करने के उपाय
पसंद नापसंद को समझें
सास और बहू दोनों को एक दूसरे की पसंद ना पसंद को समझना चाहिए और उनकी पसंद का ख्याल रखना चाहिए। अपनी पसंद उनपर थोपने के बजाए या उनकी पसंद पर उंगली उठाने के बजाए उसकी इज्जत करनी चाहिए।
समय बिताएं
बहू जब ससुराल आती है तो सास उसके स्वभाव से बेखबर होती है। यही हाल बहू का होता है, वह नहीं जानती कि उनकी सास किस तरह के स्वभाव की हैं। दोनों को एक दूसरे के साथ समय बिताना चाहिए और एक दूसरे को समझना चाहिए। सास- बहू एक दूसरे के बर्ताव को जानकर उनके साथ आराम से रह सकती हैं।
बदलने का दबाव न डालें
जब दो लोग एक दूसरे के साथ रहते हैं तो वह अक्सर सामने वाले से अपेक्षा करते हैं कि वह उनके मुताबिक बदल जाएं। सास बहू भी एक दूसरे की आदतों, रहन सहन में बदलाव की उम्मीद रखती हैं। वह जैसी हैं, वैसे ही अपनाएं, बदलने के लिए दबाव न डालें।