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Ram Navami 2023: माता सीता और श्रीराम के रिश्ते से लें सीख, इन गुणों को अपनाकर बनें आदर्श पति-पत्नी

Thu, 30 Mar 2023 11:58 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Thu, 30 Mar 2023 11:58 AM IST
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Ram Navami 2023: Every Couple Has to Take Inspiration From Ideal Couple Shri Ram and Goddess Sita in Hindi
राम सीता से लें सीख - फोटो : Social Media

Ram Navami 2023: भगवान विष्णु के सातवें अवतार प्रभु श्रीराम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि और पुष्य नक्षत्र में हुआ था। भगवान श्रीराम एक आदर्श बेटे, भाई, पिता और राजा थे। हालांकि प्रभु राम को पत्नी सीता भी एक आदर्श जीवनसंगिनी थीं। माता सीता और राम जी का रिश्ता जन्म जन्मांतर का है। अयोध्या नरेश दशरथ और राम के पिता की तीन रानियां थी। उस दौर में जब राजा की कई रानियां हुआ करती थीं, तब भी भगवान राम की एक ही पत्नी थी। माता सीता की गैर मौजूदगी में भी श्रीराम ने दूसरे विवाह का कभी न सोचा। वहीं माता सीता एक राजकुमारी होते हुए भी अपने पति के साथ वनवास जाने से लेकर हर पग पर कठिनाई सहने तक उनके साथ रहीं। श्रीराम और माता सीता का प्रेम, उन का अटूट रिश्ता, उनके रिश्ते की पवित्रता हर पति-पत्नी के लिए प्रेरणादायक है। दोनो के रिश्ते की कुछ खास बातें हैं जो हर पति-पत्नी को अपने जीवन में भी अपनानी चाहिए। अगर आप भी सीता-राम की तरह एक आदर्श पति पत्नी बनना चाहते हैं तो उनके रिश्ते से पांच गुणकारी बातें सीखें।

Ram Navami 2023: Every Couple Has to Take Inspiration From Ideal Couple Shri Ram and Goddess Sita in Hindi
राम सीता से लें सीख - फोटो : facebook

हर परिस्थिति में एक दूसरे के साथ

माता सीता और प्रभु राम ने हर परिस्थिति में एक दूसरे का साथ दिया। राम जी वनवास पर गए तो माता सीता उनके साथ गईं। माता सीता का हरण रावण ने किया तो राम जी उन्हें वापस लाने के लिए युद्ध लड़ गए। अच्छे और बुरे दोनों समय में वह एक दूसरे के साथ रहे। हर पति-पत्नी को राम और सीता के रिश्ते से ये सीख लेनी चाहिए।

Ram Navami 2023: Every Couple Has to Take Inspiration From Ideal Couple Shri Ram and Goddess Sita in Hindi
राम सीता से लें सीख - फोटो : facebook

पैसा और पद को अहमियत न देना

माता सीता के स्वयंवर में राजा महाराजा, बड़े-बड़े महारथी शामिल हुए थे। लेकिन माता सीता ने एक राजकुमार को अपने वर के रूप में चुना। माता सीता ने न तो उनका पद देखा और न ही राजपाठ। वहीं जब राम ने अपना राजपाट छोड़कर वनवास जाने का फैसला लिया तो भी माता सीता महलों के ऐशो आराम को छोड़ उनके साथ चल पड़ीं। पति-पत्नी का रिश्ता भी ऐसा ही होना चाहिए।

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Ram Navami 2023: Every Couple Has to Take Inspiration From Ideal Couple Shri Ram and Goddess Sita in Hindi
राम सीता से लें सीख - फोटो : सोशल मीडिया
जीवनसाथी होने का धर्म निभाना

हर पति-पत्नी को माता सीता और राम जी की तरह एक आदर्श जीवनसाथी का कर्तव्य निभाना चाहिए। माता सीता ने पतिव्रता होने का धर्म निभाया। रावण द्वारा हरण के बाद भी उन्होंने अपनी पवित्रता पर आंच न आने दी। वहीं माता सीता से दूर रहने के बाद भी राम जी ने पतिव्रता रहे। उन्होंने अश्वमेघ यज्ञ किया, जिसमें पत्नी की आवश्यकता होने पर उनकी सोने की प्रतिमा बनाकर उसे साथ बैठाया। न तो माता सीता ने पराए पुरुष और न राम जी ने पराई स्त्री को अपने जीवन में शामिल होने दिया।
 
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