Saas Bahu Relationship: सास और बहू की रिश्ता खट्टा मीठा होता है। एक लड़की के लिए शादी के बाद का जीवन आसान होगा या कठिन, यह पति पर नहीं बल्कि उनकी मां यानी दुल्हन की सास पर निर्भर करता है। ससुराल आते ही दुल्हन का सबसे अधिक वक्त सास के साथ बीतता है। सास ही बहू को ससुराल के रहन सहन के बारे में बताती है।
Marriage Tips: सास को बहू के सामने कभी नहीं करनी चाहिए ये पांच बातें, परिवार में हो सकता है कलेश
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दूसरे की बहू की तारीफ
सास को अपनी बहू के सामने पड़ोसियों या फिर रिश्तेदार की बहुओं की तारीफ करने से बचना चाहिए। अपनी बहू के सामने दूसरों की बहू की तारीफ करना बुरा लग सकता है। बहू को महसूस होता है कि उनकी अहमियत सास की नजरों में कम है। बहू की तुलना रिश्तेदारों की बहू से न करें।
रसोई के कामों में कमी निकालना
घर के कामकाज या रसोई में खाना बनाने का तरीका सास की तुलना में बहू का अलग हो सकता है। जरूरी नहीं कि जिस तरीके से आप खाना बनाती हों, बहू भी वही तरीका अपनाएं। अक्सर सास-बहू के खाने के स्वाद में कमी निकालती हैं। इससे बहू को बुरा लग सकता है। बहू के कामों में कमी न निकालें, बल्कि उसे सिखाएं और उसके काम की तारीफ करें।
कपड़ों पर टोंकना
बहू और सास की उम्र, दौर व रहन-सहन में बहुत फर्क होता है। पहले के दौर में महिलाएं साड़ी पहना करती थीं लेकिन अब शादी के बाद लड़कियां नौकरी व अन्य कामकाज में सहजता के लिए आरामदायक कपड़े पहनना पसंद करती हैं। सलवार सूट, कुर्ती, जींस आदि पहनती हैं। ऐसे में सास को कभी बहू को कपड़े के लिए रोकना टोकना नहीं चाहिए।
मायके की बुराई
बहू ससुराल को अपना परिवार मान लेती है लेकिन सास को भी बहू की भावनाओं की कदर करनी चाहिए और बहू के परिवार यानी मायके की बुराई करने से बचना चाहिए। जब सास बहू के माता पिता या उसके परिवार से जुड़ी कमियां निकालती हैं तो बहू को यह बात बुरी लग सकती है।