{"_id":"5c7a4440bdec224bff243016","slug":"mahashivratri-2019-know-shivji-marriage-factss-and-figures","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जानिए कौन थी शिव की पत्नी पार्वती? कैसे हुई थी शादी और कौन लेकर गया भोलेनाथ के पास विवाह का प्रस्ताव","category":{"title":"Relationship","title_hn":"रिलेशनशिप","slug":"relationship"}}
जानिए कौन थी शिव की पत्नी पार्वती? कैसे हुई थी शादी और कौन लेकर गया भोलेनाथ के पास विवाह का प्रस्ताव
इस साल महाशिवरात्रि 4 मार्च सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस खास दिन को मनाने की पीछे की मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। कहते हैं महाशिवरात्रि के दिन पूजा करने से भगवान आपकी सभी इच्छाओं को पूर्ण करते हैं। इस दिन शिवभक्त मंदिर जाकर बेलपत्र,दूध चढ़ाकर भोलेनाथ को प्रसन्न करते हैं, तो कुछ लोग उपवास रखते हैं और रात भर जागरण करते हैं। वैसे तो शिवरात्रि मनाने के बारे में अलग-अलग पौराणिक मान्यताएं हैं। लेकिन जो सबसे खास है वह है शिव-पार्वती के विवाह की। आइए जानते हैं कौन है माता पार्वती और कैसे उन्होंने शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठिन तपस्या की।
2 of 7
Mahashivratri 2019
- फोटो : अमर उजाला
शिव पुराण के मुताबिक भोलेनाथ की पत्नी पार्वती का जन्म राजा हिमवान के घर में हुआ था। उनकी माता का रानी मैनावती था। राजा हिमवान को कोई कन्या नहीं थीं। राजा के बहुत पूजा-पाठ के बाद उनके घर में एक कन्या पैदा हुई जिसका नाम पार्वती रखा गया। पार्वती अर्थात् पर्वतों की रानी। दरअसल, पार्वती के अनेक रूप हैं और उन्हें उमा गौरी,शैलपुत्री और पहाड़ों वाली रानी भी कहा जाता है। पार्वती शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करना चाहती थी। भोलेनाथ को पाना इतना आसान नहीं था। लेकिन पार्वती ने ठान लिया था शिव ही मेरे पति बनेंगे। शिव को पाने के लिए वह वन में कठिन तपस्या करने चली गई।
3 of 7
MAHASHIVRATRI
- फोटो : social media
जब भगवान शिव को इस बारे में पता चला तब उन्होंने पार्वती की परीक्षा लेने के लिए के लिए सप्तऋषियों को भेजा। पार्वती के पास जाकर उन्हें हर तरह से यह समझाने का प्रयास किया कि शिव औघड़, अमंगल वेषभूषाधारी और जटाधारी है। तुम तो महान राजा की पुत्री हो तुम्हारे लिए शिव योग्य वर नहीं है। उनके साथ विवाह करके तुम्हें पूरे जीवन में कभी सुख की प्राप्ति नहीं होगी। तुम उसे पति के रूप में पाने की इच्छा छोड़ दो। उनके लाख समझाने के बाद भी पार्वती अपने जिद्द पर अड़ी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
shivratri
- फोटो : social media
पार्वती की दृढ़ता को देखकर सप्तऋषि अत्यंत खुश हुए। उन्होंने पार्वती को सफल होने का आशीर्वाद दिया। सप्तऋषियों ने शिव और पार्वती के विवाह का लग्न मूहूर्त निकाल दिया। विवाह के शुभ दिन शिवजी बारात लेकर हिमालय के घर पहुंचे। भोलेनाथ बैल पर सवार थे। उनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में डमरू था।
विज्ञापन
5 of 7
shiv parvati
- फोटो : social media
उनकी बारात में समस्त दैत्य और देवताओं के साथ उनके गण भूत, प्रेत, पिशाच आदि भी शामिल थे। सभी बाराती नाच-गा रहे थे। यह बारात बहुत ही अलग तरह की थी। इस तरह शुभ घड़ी और शुभ मुहूर्त में शिव और पार्वती का विवाह संपन्न् हो गया और माता-पिता के आशीर्वाद लेने के बाद पार्वती को साथ लेकर शिवजी अपने धाम कैलाश पर्वत पर चले गए।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।