बॉलीवुड में 'धक-धक' गर्ल के नाम से सुर्खियां बटोरने वाली माधुरी की खूबसूरती और डांस के आज भी लाखों लोग दीवाने हैं। महज तीन साल की उम्र से ही उन्होंने कथक की शिक्षा लेनी शुरू कर दी थी। माधुरी दीक्षित बॉलीवुड की उन चुनिंदा हस्तियों में से एक हैं जिन्होंने पंडित बिरजू महाराज से कथक सीखा है। लेकिन क्या आप जानते हैं माधुरी ये सब कैसे कर पाईं। डॉक्टर बनने की चाह रखने वाली माधुरी कैसे आज भी अपनी मां का सपना जी रही हैं। आइए जानते हैं।
माधुरी दीक्षित का जन्म 15 मई 1965 को मुंबई में हुआ था। पिता शंकर दीक्षित और माता स्नेह लता दीक्षित की लाडली माधुरी को बचपन से डॉक्टर बनने की चाह थी, लेकिन वह अभिनेत्री बन गई। उन्हें एक अच्छी अभिनेत्री और डांसर बनाने में सबसे बड़ा हाथ किसी और का नहीं बल्कि खुद उनकी मां का था। जिसका खुलासा उन्होंने खुद कलर्स के एक रियलिटी शो 'डांस दीवाने' में किया।
टीवी के इस डांस रियलिटी शो 'डांस दीवाने' को माधुरी के साथ शशांक खेतान और तुषार कालिया जज कर रहे हैं। आने वाले एपिसोड में आलोक और पलक की जोड़ी शम्मी कपूर के एक गाने 'बदन पे सितारे' पर परफॉर्म करते हुए दर्शकों को दिखाई देने वाले हैं। शूटिंग के दौरान पलक ने आलोक की मां के बारे में एक ऐसा राज खोला जिसने माधुरी के दिल को छू लिया। उसने बताया कि आलोक की मां को भी डांस करने का बहुत शौक रहा है और वह इस उम्र में भी 'कार्टव्हील' कर सकती हैं। यह सुनने के बाद वहां मौजूद सभी लोग बेहद हैरान हो गए।
पलक की बात सुनने के बाद माधुरी ने आलोक की मां को स्टेज पर उनके साथ आने के लिए कहा।जिसके बाद उन्होंने भी वहां मौजूद जज के समाने प्रदर्शन किया। माधुरी दीक्षित ने आलोक की मां से शो में हिस्सा नहीं लेने का जब कारण पूछा तो आलोक की मां की आंखों में आंसू आ गए। आंखों में आंसू लिए उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से वो इस शो में सिर्फ अपने बेटे को ही भेज सकती थीं। वो चाहती थीं कि उनका बेटा उसके सपनों को पूरा करे।
आलोक की मां की बात सुनकर माधुरी दीक्षित ने भी अपनी जिंदगी का एक ऐसा राज खोला जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। उन्होंने बताया, 'एक डांसर बनना मेरी मां का सपना था लेकिन निश्चित हालातों के कारण वो अपना सपना पूरा नहीं कर पाईं। लेकिन जब कभी वो मुझे डांस करता हुआ देखती हैं तो उन्हें मुकम्मल और अच्छा महसूस होता है क्योंकि उन्हें लगता है कि मैं उनके सपने को जी रही हूं।” मां वाकई खास होती हैं, क्योंकि वो अक्सर अपने बच्चों की हसरतों को पूरा करने के लिए अपनी हसरतों को भुला देती हैं और वो सबकुछ करती हैं जो फैमिली के लिए सबसे अच्छा है।