शादी के दिन लड़कों के दिमाग में चलती हैं ये बातें
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लड़के सबसे ज्यादा ये सोचकर बेचैन होते हैं कि उनकी जिंंदगी में आने वाली लड़की का तालमेल बिठाने का स्तर क्या है। अगर अरेंज मैरिज हो रही है तो फिर वो लड़की उनके साथ कितना तालमेल बिठाएगी। पर चिंता तब ज्यादा बड़ी हो जाती है जब वो लव मैरिज कर रहे होते हैं। लव मैरिज में लड़के के ऊपर ये जिम्मेदारी होती है कि आने वाली लड़की परिवार को बेहतर तरह से समझे।
स्टेटस मेंटेन करने का डर
अगर किसी लड़के की शादी खुद से बड़े घर में तय हुई हैं तो उसे ये चितां भी रहती है कि क्या वो अपनी लिमिटेड सैलरी में अपनी होने वाली पत्नी का स्टेट्स मेंटेन कर पाएगा कि नहीं। कहीं उनका रिश्ता समझदारी के अभाव में टूट न जाए।
शादी के दिन लड़के ये सोचकर भी परेशान रहते हैं कि वो अपने पार्टनर को सैक्सुअल सैटिस्फैक्शन दे पाएंगे कि नहीं। क्योंकि आज भी ये धारणा लड़कों के भीतर होती है कि सैक्सुअली सैटिस्फाइड करने की पहली जिम्मेदारी उनकी ही है।
शादी एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। शादी से पहले लड़के मनमौजी रवैये के होते हैं लेकिन किसी और कि जिम्मेदारी का अहसास ही उन्हें डरा देता है। लड़के सोचते हैं कि जिससे उनकी शादी होने वाली है वह उसको खुश रख पाएंगे कि नहीं।