पिछले लॉकडाउन में जहां सारे परिवार मिल-जुलकर रह रहे थे, हर कुछ न कुछ कर रहे थे, इस लॉकडाउन ऐसा कुछ भी नहीं है। इस लॉकडाउन अधिकतर घरों में सास-बहू के झगड़े इतने अधिक बढ़ गए हैं कि घर के पुरुष सदस्य परेशान होने लगे हैं लेकिन झगड़े करने की बजाय आपको इस समय यह सोचना चाहिए कि झगड़े होने के पीछे कारण क्या है और यदि वजह नहीं समझ आ रही है तब तो आप कुछ छोटी- मोटी चीजें करके ही इन झगड़ों को समाप्त कर सकते हैं। मिल-जुलकर रहेंगे तो सभी की चिंता दूर होगी। अगली स्लाइड्स से जानिए किन तरीकों को आजमाकर आप इन झगड़ों को खत्म कर सकती हैं।
लॉकडाउन में जरूर करें ये काम, नहीं होंगे सास से झगड़े
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काम को बांट लें
घर के काम को सवेरे होते ही बांट लें। यह तय कर लें कि आप क्या करने जा रही हैं और अपने काम में जुट जाएं। ऐसा करने से किसी एक पर काम का अधिक भार भी नहीं पड़ेगा और किसी की नाराजगी भी नहीं रहेगी। अकेले- अकेले कछ भी करने की बजाय मिल-जुलकर चीजों को आसानी से किया जा सकता है। कोई ऐसा काम जो वे अपनी बढ़ती उम्र के कारण नहीं कर सकती हैं, उसे आप पहले ही खुद से कर लें।
अकेला न छोड़ें
यह समय ऐसा है कि हर कोई परेशान है,सभी को खुद को लेकर औऱ् परिवार को लेकर तरह-तरह के डर सताते हैं। ऐसे में आप दिन का कोई भी एक वक्त ऐसा निकालें जब आप दोनों आराम से बैठकर बातें कर सकें। बातों में उन्हें आश्वास्त करें कि उन्हें चिंतित होने की कोई आवश्यकता नहीं है। सब जल्दी ही बेहतर होगा। परिवार में सभी लोग साथ हैं और स्वस्थ हैं।
उनकी सेहत का ध्यान रखें
अभी ऐसा समय नहीं है कि कोई थोड़ा सा भी बीमार हो और चूंकि आप भी एक महिला हैं इसलिए ये बात तो जानती ही हैं कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति कभी गंभीर नहीं होती हैं इसलिए उनकी छोटी-छोटी चीजों का उसी तरह ख्याल रखें जिस तरह आप अपनी मां का रखती हैं। आपके इस व्यवहार से वे कभी आप पर गुस्सा नहीं होंगी बल्कि वे भी आपका पूरा ध्यान रखेंगी।
कई बार बड़ों की आदत होती है कि उन्हें जो बात पसंद नहीं आती है उसके लिए वे छोटों को डांट देते हैं। यदि आपकी सास की भी आदत कुछ ऐसी ही है तो इसे दिमाग पर न लें। बात को सुन लें और फिर सामान्य हो जाएं। घर पर जिस तरह हमारे माता-पिता हमें बोलते हैं और हम उनकी बातों का कभी बुरा नहीं मानते हैं, उसी तरह अपनी सास की बातों का भी कभी बुरा न मानें बल्कि भूलने जैसी बात को भूल जाएं।