फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

International Day of Democracy 2020: 15 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस?

Tue, 15 Sep 2020 02:21 PM IST
Shashi Shashi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shashi Shashi Updated Tue, 15 Sep 2020 02:21 PM IST
विज्ञापन
International Day of Democracy 2020 know the history and significance of this day
अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस 2020 - फोटो : Pixabay/Amarujala

लोकतंत्र एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें किसी भी देश के नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग करके एक प्रतिनिधि को चुनते हैं। लोकतंत्र का मतलब होता है, न कोई राजा और न कोई गुलाम इसमें सब एक समान हैं। हर व्यक्ति को अपना बात रखने का अधिकार है। हर वर्ष 15 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है। प्रसिद्ध विचारक अब्राहम लिकंन ने इसकी परिभाषा देते हुए कहा था कि लोकतंत्र का मतलब होता है, जनता द्वारा जनता का शासन। लोकतंत्र दिवस का मुख्य उद्देश्य पूरे विश्व में लोकतंत्र को बढ़ावा देना है। आइए जानते हैं इसका इतिहास और महत्व...

International Day of Democracy 2020 know the history and significance of this day
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस की शुरुआत की गई थी। सबसे पहले 2008 में अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया गया। इसके तहत दुनिया के हर कोने में सुशासन लागू करना है। भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जा सकता है, क्योंकि यहां लगभग 60 करोड़ लोग अपने मत का प्रयोग करके सरकार को चुनते हैं।

International Day of Democracy 2020 know the history and significance of this day
संसद भवन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

पूरी दुनिया में दो तरह की लोकतंत्र प्रणाली है। एक संसदीय शासन प्रणाली और दूसरा राष्ट्रपति शासन प्रणाली। लेकिन दोनों ही प्रणालियों में जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करके अपने देश के जनप्रतिनिधि को चुनती है जो जनता के लिए काम करे। भारत, कनाडा, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में संसदीय शासन प्रणाली है। अमेरिका में राष्ट्रपति शासन प्रणाली है। राषट्रपति शासन प्रणाली में सारे निर्णय राष्ट्रपति के द्वारा लिए जाते हैं। जबकि संसदीय शासन प्रणाली में राष्ट्रपति के पास ये शक्ति नहीं होती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
International Day of Democracy 2020 know the history and significance of this day
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

1947 में देश आजाद होने के बाद संविधान सभा ने एकमत से लोकतांत्रिक देश बनाने की इच्छा व्यक्ति की। उसक बात सबसे पहले 1951-1952 में चुनाव हुए। लोकतंत्र वह कड़ी है जिसकी वजह से इतनी विविधता के बाद भी देश एक सूत्र में बंधा हुआ है। लोकतंत्र के तहत कोई भी व्यक्ति जो सरकार के काम से संतुष्ट नहीं है अपनी बात सबके सामने रख सकता है। शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जता सकता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed