हर साल बप्पा के भक्तों को गणेश चतुर्थी का बेसब्री से इंतजार रहता है और वे इस दिन को बेहद ही धूमधाम से मनाते हैं। 10 दिन तक निरंतर चलने वाला ये पर्व गणपति के भक्तों के लिए बेहद खास होता है। इन दिनों में लोग निरतर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते रहते हैं और उनसे आशीर्वाद भी प्राप्त करते हैं। इस साल गणेश महोत्सव की शुरुआत 10 सितंबर से हो रही है। इन 10 दिनों को बेहद खास बनाने के लिए लोग कई तरह की खरीदारी करते हैं। गणपति की प्रतिमा खरीदी जाती है, फूल माला ली जाती है और पूजा करने का पूरा सामान लिया जाता है, जिसके बाद घर में गणेश भगवान की प्रतिमा को स्थापित किया जाता है और उसके बाद उसका विसर्जन होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गणेश महोत्सव मनाने की शुरुआत कैसे हुई? क्या आप इसके इतिहास से परिचित हैं? शायद नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं।
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गणेश महोत्सव 2021: कब हुई इस दिन की शुरुआत? आसान शब्दों में यहां जानें सबकुछ
Wed, 08 Sep 2021 02:22 PM IST
प्रकाश चंद जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रकाश चंद जोशी
Updated Wed, 08 Sep 2021 02:22 PM IST
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गणेश महोत्सव 2021
- फोटो : istock
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गणेश महोत्सव 2021
- फोटो : Facebook/India Culture And Art Savita S Gholap
ये है इतिहास
- इतिहासकारों की मानें तो गणेश महोत्सव मनाने की शुरुआत 1630-1680 के बीच शुरु हुई। उस वक्त सामाजिक समारोह के रूप मे इस पर्व को मनाया जाता था। जहां एक तरफ मराठा सम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी के वक्त उनके कुलदेवता के रूप में गणपति की पूजा होती थी, तो वही दूसरी तरफ पेशवाओं के अंत के बाद ये एक पारिवारिक उत्सव बन गया।
गणेश महोत्सव 2021
- फोटो : istock
इसके बाद 1893 में बाल गंगाधर तिलक द्वारा इस गणपति के त्योहार की शुरुआत की गई। ऐसा इसलिए भी किया गया, ताकि ब्राह्मणों और गैर ब्राह्मणों के बीच अंतर को खत्म किया जा सके और दोनों के बीच एकता आ सके।
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गणेश महोत्सव 2021
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क्या कहती हैं पौराणिक कथाएं
- बात पौराणिक कथाओं की करें, तो इनके अनुसार इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था और इस दिन को विनायक चुतर्थी या गणेश चौथ के नाम से भी जाना जाता है। भारत के दक्षिणी और पश्चिमी राज्यो में इस पर्व पर एक अलग ही धूम और उत्साह देखने को मिलता है।
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गणेश महोत्सव 2021
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ऐसी होती हैं तैयारियां
- गणपति को विघ्नहर्ता गणेश कहा जाता है, क्योंकि ये अपने भक्तों के दुखों को दूर करके उन्हें सुख देते हैं। इस दिन लोग अपने घरों में, मंदिरों में और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते हैं और 10 दिनों तक रोजाना उनकी पूजा-अर्चना करते है और इसके बाद 10वें दिन बप्पा का विसर्जन करते हैं और अगले साल जल्दी आने की कामना भी करते हैं।