दुनियाभर में तेजी से बढ़ती क्रोनिक बीमारियां स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि जिस तरह से सभी उम्र के लोगों में लाइफस्टाइल और आहार की दिक्कतें देखी जा रही हैं, इसके कारण हृदय रोग-डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं एक दशक पहले की तुलना में अब काफी आम हो गई हैं। यही कारण है कि 20 से कम उम्र के लोग भी इनका शिकार हो रहे हैं।
Year Ender 2024: ये हैं इस साल मौत के 10 प्रमुख कारण, इन बीमारियों ने बढ़ाई सबसे ज्यादा चिंता; एक अच्छी खबर भी
समय के साथ सेहत के लिए चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। अध्ययनों की रिपोर्ट बताती है कि दुनियाभर में हृदय रोग और कैंसर के मामले सबसे बड़ी चिंता का कारण हैं। इन दो बीमारियों के कारण सबसे ज्यादा लोगों की मौतें भी हो रही हैं। आइए इस साल मौत के शीर्ष 10 कारणों के बारे में जानते हैं।
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कोरोना के मामलों में कमी, बढ़ी लाइफ एक्सपेक्टेंसी
साल 2019-20 के दौरान दुनियाभर में फैली कोरोना महामारी ने लोगों की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया। कोरोनावायरस के संक्रमण ने शरीर के कई अंगों को भी गंभीर क्षति पहुंचाई, लिहाजा कई रिपोर्ट्स में लोगों की कम होती लाइफ एक्सपेक्टेंसी को लेकर चिंता जताई गई। हालांकि अब जैसे-जैसे कोरोना के मामलों में कमी आ रही है और ये महामारी एंडेमिक होती जा रही है लोगों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी में भी सुधार देखा जा रहा है।
रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) की हालिया रिपोर्ट से पता चलता है महामारी के दौरान की स्थितियों की तुलना में अब लाइफ एक्सपेक्टेंसी काफी सुधर गई है। इस आधार पर साल 2023 में पैदा होने वाले बच्चों के 78.4 साल तक जीने का अनुमान है, जो 2022 में पैदा होने वाले बच्चों के लिए पूर्वानुमान से लगभग एक साल ज़्यादा है। महामारी से पहले साल 2019 में लाइफ एक्सपेक्टेंसी 78.8 साल थी।
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आइए अब दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों के बारे में जान लेते हैं।
हृदय रोग और कैंसर अब भी बड़ा खतरा
वैश्विक स्तर पर किए गए अध्ययनों की रिपोर्ट बताती है कि दुनियाभर में हृदय रोग और कैंसर के मामले सबसे बड़ी चिंता का कारण हैं। इन दो बीमारियों के कारण सबसे ज्यादा लोगों की मौतें भी हो रही हैं। हृदय रोग और इसके कारण होने वाली जटिलताएं जैसे कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी), हार्ट अटैक-हार्ट फेलियर अब भी मौत का प्रमुख कारण हैं।
डेथमीटर की रिपोर्ट के अनुसार 20 दिसंबर तक कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण 97.93 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। इतना ही सीएडी हर दिन 10 हजार से अधिक लोगों की जान ले रहा है।
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डेथमीटर की रिपोर्ट के अनुसार हृदय रोग इस साल दुनियाभर में मृत्यु का प्रमुख कारण रहा है, वहीं ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) 10वें स्थान पर है।
| बीमारी | इस साल मौत (आंकड़े लाख में) |
| कोरोनरी आर्टरी डिजीज | 97.93 |
| स्ट्रोक | 60.01 |
| क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज | 31.57 |
| लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन | 30.69 |
| अल्जाइमर रोग और डिमेंशिया | 20.67 |
| ट्रेकिया, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों का कैंसर | 17.73 |
| मधुमेह | 16.59 |
| डायरिया संबंधी रोग | 14.35 |
| ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) | 13.42 |
| लिवर सिरोसिस | 13.05 |
(ये आंकड़े डेथमीटर की रिपोर्ट से लिए गए हैं और 20 दिसंबर तक के हैं)।
मौत के शीर्ष 20 कारणों में आत्महत्या के मामले भी
मानसिक स्वास्थ्य विकार और इसके कारण होने वाली जटिलताएं भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के गंभीर चिंता का कारण रही हैं। अवसाद और इसकी गंभीर स्थितियों में आत्महत्या का जोखिम बढ़ जाता है। डेटा से पता चलता है इस साल आत्महत्या के कारण 8.23 लाख लोगों की जान गई। हर दिन करीब 1200-1500 लोगों की आत्महत्या से मौत हो रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना महामारी के बाद से मानसिक स्वास्थ्य समस्या और इसके कारण आत्मघाती प्रवृत्तियां बढ़ गई हैं, जिससे हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौतें हो रही हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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