शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार के सेवन के साथ रोजाना योग-व्यायाम करना बहुत जरूरी है। हालांकि दौड़ती-भागती जिंदगी में सभी के लिए जिम जा पाना मुश्किल काम हो सकता है, इस स्थिति में आप वॉक करने की आदत बनाकर भी स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। पैदल चलना (वॉकिंग) व्यायाम के सबसे सरल और सबसे प्रभावी रूपों में से एक है। यह ऐसा अभ्यास है जो हम में से अधिकांश लोग बिना सोचे-समझे हर दिन करते हैं।
Good Health: डायबिटीज-हार्ट की बीमारियों का 50% तक कम हो जाएगा खतरा, आज से ही शुरू कर दीजिए ये काम
दौड़ती भागती जिंदगी में सभी के लिए जिम जा पाना मुश्किल काम हो सकता है, इस स्थिति में आप वॉक करने की आदत बनाकर भी स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। प्रतिदिन 10 हजार कदम चलने की आदत न केवल आपकी शारीरिक सेहत को सुधारता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों से भी बचाने में मदद करता है।
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रोजाना 10 हजार कदम चलने के फायदे
अध्ययनों से पता चलता है कि रोजाना 10 हजार कदम चलना न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और एक स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं। स्मार्टवॉच में आज से ही रोज 10 हजार कदम चलने का टारगेट सेट कर लें, इससे आपको लाभ हो सकता है।
हालांकि सेहत के हिसाब से, जैसे यदि आप पहले से गंभीर बीमार हैं या चलने में कठिनाई होती है तो प्रतिदिन के इस लक्ष्य को कम कर सकते हैं। इस बारे में अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
आइए जानते हैं कि रोज 10 हजार कदम चलने के क्या फायदे हो सकते हैं?
फेफड़ों और सांस की बीमारियां होती हैं दूर
नियमित रूप से वॉक करने की आदत फेफड़ों की क्षमता को सुधारने में बहुत लाभकारी है, जिससे आप हर सांस के साथ अधिक ऑक्सीजन ले सकते हैं। जर्नल ऑफ कार्डियोपल्मोनरी रिहैबिलिटेशन एंड प्रिवेंशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, वॉक करने से श्वसन की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, वेंटिलेशन में सुधार होता है और फेफड़ों की समग्र कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। फेफड़ों की इस बढ़ी हुई क्षमता से शारीरिक गतिविधियों के दौरान बेहतर सहनशक्ति और समग्र स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं से राहत पाने और शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह सुचारू बनाए रखने में भी इससे लाभ मिल सकता है।
हृदय की बीमारियों का कम होता है खतरा
रोजाना 10 हजार कदम चलने से हृदय स्वस्थ रहता है। नियमित चलने की आदत से रक्त संचार बेहतर होता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है। अध्ययनों में पाया गया है कि रक्तचाप बढ़ने से रोकने के लिए भी ये आदत बहुत लाभकारी है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाव हो सकता है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा किए गए शोध में पाया गया कि प्रतिदिन कम से कम 10,000 कदम चलने से हृदय रोग का जोखिम 50% तक कम हो सकता है।
डायबिटीज (मधुमेह) रहता है कंट्रोल
चलने की आदत से शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है और टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कम होता है। असल में इससे वजन नियंत्रण में रहता है, जो डायबिटीज रोकने में सहायक है।
डायबेटोलोजिया जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि प्रतिदिन 10,000 कदम चलने से डायबिटीज के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने 10 वर्षों तक 2,000 से अधिक व्यक्तियों पर किए गए अध्ययन में पाया कि जो लोग अधिक पैदल चलते थे, उनमें कम सक्रिय लोगों की तुलना में डायबिटीज विकसित होने का जोखिम 50% कम था।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।