किसी के शरीर में लगी छोटी सी खरोंच को हर कोई हल्के में लेता है। लेकिन यहीं हल्की सी चोट कभी-कभी बहुत बड़ी बीमारी का रूप ले लेती है। जिसकी वजह से मौत तक हो जाती है। हर साल 13 सितंबर को वर्ल्ड सेप्सिस डे मनाया जाता है। जिसकी मदद से लोगों को इस खतरनाक बीमारी के बारे में जागरूक करने का काम किया जाता है। आइए जानें कैसे हो जाती है यह बीमारी और इसके लक्षण क्या हैं?
एक छोटी सी खरोंच दे सकती हैं जानलेवा बीमारी, जानें सेप्सिस से जुड़ी ये अहम जानकारी
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सेप्सिस एक तरह की संक्रमण की बीमारी है। जिसमें शरीर में संक्रमण की दशा में रोग प्रतिरोधक प्रणाली ज्यादा तेज गति से काम करने लगती हैं। इस बीमारी की शुरुआत किसी छोटी सी खरोंच या फिर कीड़े के काटने से भी हो सकती है। हांलाकि अगर इसका सही समय पर इलाज कर दिया जाए तो इससे बचा जा सकता है।
हर साल पूरी दुनिया में बहुत से लोग इस बीमारी की वजह से मर जाते हैं। लेकिन अगर सही समय पर इलाज मिल जाए तो बचा जा सकता है। सेप्सिस की बीमारी होने पर शरीर में तेजी से कंपकपाहट होने लगती है और पेशाब न के बराबर होती है। इसके साथ ही सांस लेने में दिक्कत होती है और त्वचा बेजान सी नजर आने लगती है।
ऐसे व्यक्ति जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। वो लोग जो डायबिटीज के मरीज हैं या फिर जिन्हें एड्स है। इसके साथ ही वो लोग जिन्हें बुखार होता रहता है ऐसे लोग भी इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। कभी-कभी नवजात शिशुओं या बुजुर्गों को भी यह बीमारी पकड़ लेती है।