मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं दुनियाभर में तेजी से बढ़ती जा रही हैं, सभी उम्र के लोगों को इसका शिकार पाया जा रहा है। स्ट्रेस-एंग्जाइटी से लेकर डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली हो सकती हैं।
World Mental Health Day 2024: मानसिक रोग इन बीमारियों का भी बढ़ा सकते हैं खतरा, ऐसे लक्षण हैं तो हो जाइए अलर्ट
क्या कहते हैं डॉक्टर?
अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर निर्मल सिंह बताते हैं, शरीर को स्वस्थ रखने और कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों के खतरे के कम करने के लिए मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना बहुत जरूरी माना जाता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि सकारात्मक मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य, दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम को कम कर सकता है। वहीं जिन लोगों को स्ट्रेस-एंग्जाइटी या अन्य किसी प्रकार की दिक्कत होती है उनमें न्यूरोलॉजिकल बीमारियों सहित अस्थमा, हृदय रोगों को जोखिम बढ़ सकता है।
नींद होने लगती है प्रभावित
मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति वाले लगभग 50% से 80% लोगों को नींद की समस्या होने लगती है। हालांकि सामान्य आबादी में से केवल 10% से 18% लोगों को नींद की समस्या का अनुभव होता है। नींद न आने या नींद की कमी होने को कई प्रकार की बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। नींद संबंधी विकार हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह जैसी गंभीर चिकित्सा स्थितियों का खतरा बढ़ा देते हैं।
इसके अलावा नींद की कमी के कारण वजन बढ़ने का भी जोखिम रहता है जिसे डायबिटीज और हार्ट की समस्याओं का प्रमुख कारण माना जाता है।
क्रोनिक बीमारियों का खतरा
अध्ययनों में पाया गया है कि मानसिक स्वास्थ्य में गड़बड़ी के शिकार लोगों में क्रोनिक बीमारियों जैसे मधुमेह, अस्थमा, कैंसर, हृदय रोग का खतरा अधिक होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि डिप्रेशन के शिकार लोगों में हृदय रोग, स्ट्रोक होने का जोखिम हो सकता है। मेंटल हेल्थ की समस्या में होने वाले हार्मोनल बदलाव का संपूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर देखा जाता रहा है।
बढ़ते हृदय रोगों की भी एक वजह
हृदय रोग, हार्ट अटैक के मामले वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहे हैं, इसके लिए खराब मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों को भी एक कारण माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि चिंता और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य स्थितियां हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। इसी तरह अकेलापन महसूस करना या सोशल आइसोलेशन में रहने वाले लोगों में भी हृदय रोगों से संबंधित समस्याएं देखी जाती रही हैं।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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