किसी काम को लेकर नाराजगी या फिर चीजों के हमारी अपेक्षा के जैसे न हो पाने के कारण गुस्सा या चिड़चिड़ापन होना स्वाभाविक है। ये प्रतिकूल परिस्थितियों के प्रति हमारे शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। इस तरह की भावनाएं कुछ समय में अपने आप ही ठीक हो जाती हैं और हम सामान्य हो जाते हैं। पर अगर आपको बिना वजह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है या फिर चिड़चिड़ापन बना रहता है तो इसके कारणों को समझना जरूरी हो जाता है।
जानना जरूरी: बार-बार हो रहा है चिड़चिड़ापन? कहीं आपको थायरॉइड की बीमारी तो नहीं
लगातार चिड़चिड़ापन हमेशा खराब मूड या स्वभाव की वजह से नहीं होता। नींद की कमी, थायरॉइड में बदलाव, ब्लड शुगर का उतार-चढ़ाव, पोषण की कमी और लंबे समय का तनाव भी मूड प्रभावित को कर सकते हैं। अगर चिड़चिड़ापन लगातार बना रहे तो कारणों को समझना जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, तनाव और चिंता के अलावा अगर आपमें नींद की कमी है, ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं रहता या फिर थायरॉइड की समस्या है तो इसके कारण भी लगातार चिड़चिड़ापन बना रह सकता है। कुछ लोगों में पोषण की कमी और लगातार तनाव भी इसका कारण हो सकते हैं। लगातार चिड़चिड़ापन वाला व्यवहार आपके सामाजिक ताने-बाने को खराब कर सकता है इसलिए इसके कारणों को समझना जरूरी है।
नींद की कमी का मूड पर असर
अच्छी नींद न मिलने के कारण आपको सिर्फ थकान की दिक्कत नहीं होती है। इससे ध्यान, याददाश्त और भावनाओं पर नियंत्रण भी प्रभावित हो सकता है।
- लगातार नींद की कम या नींद की खराबी आपको ज्यादा चिड़चिड़ा और तनावग्रस्त महसूस करा सकती है।
- देर रात तक मोबाइल देखते रहने, सोने का समय अलग-अलग होने और ज्यादा कैफीन वाली चीजें लेना नींद की गुणवत्ता बिगाड़ सकता है। जिसके कारण आपमें तनाव-चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ने लग जाता है।
थायरॉइड की समस्या तो नहीं
क्या आप जानते हैं कि थायरॉइड हार्मोन शरीर में ऊर्जा के इस्तेमाल को नियंत्रित करते हैं? थायरॉइड हार्मोन ज्यादा होने यानी हाइपरथायरायडिज्म की समस्या के कारण कई लोगों में बेचैनी, घबराहट, नींद में परेशानी और चिड़चिड़ापन की समस्या देखी जाती रही है।
- थायरॉइड की ये समस्या धड़कनों के तेज होने, वजन कम होने और ज्यादा पसीना लगने जैसी समस्याओं का भी कारण बनता है।
- थायरॉइड की स्थिति में समय पर इलाज जरूरी हो जाता है, इसलिए इस तरह के लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए।
ब्लड शुगर नहीं रहता कंट्रोल?
ब्लड शुगर लो होने पर कमजोरी, कंपकंपी, पसीना आने के साथ घबराहट और चिड़चिड़ापन हो सकता है। डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेने वालों में यह दिक्कत ज्यादा देखी जाती रही है। अगर चिड़चिड़ापन खास समय पर बार-बार होता है और साथ में ऐसे लक्षण भी आते हैं, तो ब्लड शुगर की जांच जरूर कराएं।
इसके अलावा कई मामलों में पोषक तत्वों की कमी भी भावनात्मक समस्याओं को ट्रिगर करने वाली पाई गई है। आयरन, विटामिन बी12 और फोलेट की कमी से थकान, कमजोरी और ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है, जिसका असर मूड पर भी पड़ता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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