शरीर की सारी गतिविधियां ठीक तरीके से होती रहें, इसके लिए तंत्रिकाओं का ठीक तरीके से काम करते रहना जरूरी है। शरीर के सभी अंगों के बीच तालमेल बनाए रखने में तंत्रिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हालांकि समय के साथ लोगों में न्यूरोलॉजी रोग बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। ये मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और नसों को प्रभावित करने वाली बीमारियां हैं जो शरीर के कामकाज में बाधा डालती हैं। तंत्रिका-तंत्र की बीमारियों के कारण संपूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है।
न्यूरोलॉजिकल बीमारियां: शरीर के ये संकेत दिमाग की बीमारी की ओर करते हैं इशारा, आप भी तो नहीं हैं शिकार?
न्यूरोलॉजिकल बीमारियां दिमाग, रीढ़ की हड्डी और नसों को प्रभावित करती हैं। इनके कारण सुन्नपन, झनझनाहट, कमजोरी, चक्कर, दौरे, बोलने या देखने में परेशानी और संतुलन बिगड़ने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। कहीं आप भी तो इसका शिकार नहीं हैं?
पहले जान लीजिए न्यूरोलॉजिकल बीमारियां होती क्या हैं?
न्यूरोलॉजिकल बीमारियां आपके दिमाग, रीढ़ की हड्डी या शरीर की नसों के कामकाज को प्रभावित कर सकती हैं। इसका असर शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर अलग तरह से दिख सकता है।
- इसके कारण आपको हाथ-पैर में कमजोरी या सुन्नपन से लेकर बार-बार झनझनाहट, कंपन, दौरे पड़ना या संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ स्थितियों में इसका याददाश्त और एकाग्रता में बदलाव पर भी असर हो सकता है।
कौन से लक्षण बार-बार हों तो हो जाएं सावधान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लगातार या बढ़ता हुआ सिरदर्द, बार-बार चक्कर आना, हाथ-पैर सुन्न होना, कमजोरी, चलने में लड़खड़ाहट या बिना वजह दौरे पड़ना संकेत हो सकता है कि आपको कोई न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। ऐसी स्थिति में जांच कराना बहुत जरूरी हो जाता है।
- कुछ बीमारियों में लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं, जबकि कुछ स्थितियों में अचानक गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
- अचानक चेहरा टेढ़ा हो जाए या बोलने में दिक्कत हो तो ये आपात स्थिति हो सकती है जिसमें तुरंत डॉक्टर की मदद लेना जरूरी है।
- अचानक चेहरे का टेढ़ा होना, एक हाथ या पैर में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में दिक्कत हो या चलने-बैलेंस बनाने में दिक्कत हो रही हो तो इसपर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। ये स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं।
सिर में तेज दर्द और दौरे पड़ने की समस्या
अचानक शुरू हुआ और बहुत तेज सिरदर्द कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। स्ट्रोक में भी इस तरह के लक्षण हो सकते हैं।
दौरे पड़ना, बेहोशी, भ्रम या शरीर के किसी हिस्से में अचानक कमजोरी गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है। मस्तिष्क में सूजन या रक्तस्राव जैसी स्थितियां तेजी से बिगड़ सकती हैं। ऐसे लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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